बेंगलुरु, 16 अप्रैल (भाषा) कर्नाटक में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली एक विशेष अदालत ने 2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी और 16 अन्य लोगों की सजा की अवधि पर बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस संबंध में फैसला 17 अप्रैल को सुनाया जाएगा। अदालत ने बुधवार को आरोपियों को आपराधिक साजिश और संबंधित अपराधों का दोषी ठहराया था।
अदालत ने बृहस्पतिवार को सजा की अवधि पर अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं।
न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने अभियुक्तों को योगेश गौड़ा की हत्या के लिए आपराधिक साजिश रचने का दोषी पाया और उन्हें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश) सहित संबंधित प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया।
अदालत ने कहा कि आरोपियों को गैरकानूनी तरीके से जमा होने, दंगा और हत्या से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया है, जिनमें आईपीसी की धारा 302 के साथ धारा 120(बी) भी शामिल है। इनमें से कई को सबूतों को नष्ट करने का भी दोषी पाया गया।
दो अन्य व्यक्तिों – वासुदेव राम नीलेकणी और सोमशेखर बसप्पा न्यामागौड़ा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
यह मामला भाजपा नेता और धारवाड़ जिला पंचायत के पूर्व सदस्य योगेश गौड़ा की हत्या से संबंधित है जिनकी जून 2016 में धारवाड़ के एक जिम में हत्या कर दी गई थी।
इस मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की और बाद में इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया। इसमें 100 से अधिक गवाहों से पूछताछ की गई। घटना के समय मंत्री रहे कुलकर्णी को 2020 में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
अदालत अब मामले में 17 अप्रैल को फैसला सुनाएगी। अदालत ने सीबीआई को आरोपियों को हिरासत में लेने का निर्देश भी दिया।
फैसला सुनाए जाने के बाद कुलकर्णी भावुक हो गए। बाद में उन्हें परप्पना अग्रहारा स्थित बेंगलुरु केंद्रीय जेल ले जाया गया।
दोषसिद्धि के बाद कुलकर्णी को विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित किए जाने का अनुमान है।
भाषा सुरभि अविनाश
अविनाश