खम्मम (तेलंगाना), 18 जनवरी (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीदने और कड़े शुल्क के संबंध में डाले गए दबाव के आगे झुकने का रविवार को आरोप लगाया।
भाकपा के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए राजा ने कहा कि भारत दुनिया में शांति और विकास का पक्षधर रहा है और वैश्विक समुदाय में एक सम्मानित देश के रूप में देखा जाता है। उन्होंने दावा किया कि हालांकि, मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश ने यह सारा सम्मान खो दिया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘लेकिन अब, जब डोनाल्ड ट्रंप भारत को रूस से तेल न खरीदने और अमेरिका द्वारा प्रस्तावित शुल्क को स्वीकार करने का निर्देश दे रहे हैं, तो मोदी क्या कर रहे हैं? मोदी एक शब्द भी नहीं बोल रहे, न तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सवाल उठा रहे हैं और न ही उनकी आलोचना कर रहे। मोदी के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार अमेरिकी साम्राज्यवादी शक्ति के दबाव के आगे झुक गई है।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी साम्राज्यवादी शक्ति के आगे न झुकने की सलाह देते हुए कहा कि अगर वह झुकते रहे तो उन्हें देश के प्रधानमंत्री बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। राजा ने आरोप लगाया कि फलस्तीन में ‘जो हो रहा है वह, नरसंहार के अलावा और कुछ नहीं है’।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियां अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में सबसे आगे थीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्वतंत्रता संग्राम में कोई भूमिका निभाई।
भाषा आशीष सुरेश
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