नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में भारी वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर रविवार को निशाना साधा।
माकपा ने आरोप लगाया कि सरकार ने गैस सिलेंडरों पर कर कम करने से ‘‘इनकार’’ करके ‘‘जनविरोधी’’ रुख अपनाया है।
यहां जारी एक बयान में, माकपा पोलित ब्यूरो ने घरेलू और वाणिज्यिक दोनों उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाली मूल्य वृद्धि का कड़ा विरोध किया।
वामपंथी दल ने कहा कि घरेलू सिलेंडरों की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी से उज्ज्वला योजना के गरीब लाभार्थियों पर भारी असर पड़ेगा।
बयान में कहा गया है, ‘‘वाणिज्यिक सिलेंडरों की कीमतों में 114.50 रुपये की बढ़ोतरी का बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा। इन सभी कारणों से मध्यम वर्ग और कामकाजी लोगों पर और अधिक बोझ पड़ेगा, जो पहले से ही लगातार बढ़ती महंगाई और घटती आय से जूझ रहे हैं।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘सिलेंडरों पर कर से प्राप्त राजस्व को छोड़ने से इनकार करना सरकार के जनविरोधी रवैये को उजागर करता है।’’
माकपा ने मूल्य वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच शनिवार को घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमत में 60 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपये की भारी वृद्धि की गई है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में अब गैर-सब्सिडी वाली एलपीजी का 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी। एक साल से भी कम समय में कीमत में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है।
उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को भी इतनी ही वृद्धि झेलनी होगी। उन्हें अब 300 रुपये की सब्सिडी के बाद प्रति सिलेंडर 613 रुपये देने होंगे।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश