नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम.ए. बेबी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़े विवाद पर समन्वित प्रतिक्रिया के लिए कई विपक्षी दलों से संपर्क किया है और लंबे समय तक वाम दलों की धुर विरोधी रहीं ममता बनर्जी से भी बात की है।
बेबी ने विपक्ष की व्यापक लामबंदी में विपक्षी नेताओं की भागीदारी का अनुरोध करते हुए कई नेताओं को पत्र लिखा था।
बेबी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके पत्र का जवाब देते हुए कहा कि इस प्रयास को आगे बढ़ाने और सभी दलों को लामबंद करने की जरूरत है। इसके बाद दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत की।
बेबी ने कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने संसद के अपने उन दिनों को भी याद किया, जब बनर्जी लोकसभा की सदस्य थीं और वह राज्यसभा के सदस्य थे।
बेबी का कहना था, ‘‘अब हम इस सहमति पर पहुंचे हैं कि हमें इस मुद्दे पर साथ मिलकर काम और संघर्ष करना चाहिए।’’
माकपा महासचिव ने कहा कि इस मुद्दे पर पूरे विपक्ष को एकजुट होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध नागरिक समाज तथा बुद्धिजीवियों को भी इस प्रयास में शामिल किया जाना चाहिए।
उनके इस संपर्क अभियान में ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के अलावा गठबंधन से बाहर के दल भी शामिल हैं। इनमें भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), आम आदमी पार्टी (आप), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), बीजू जनता दल (बीजद) और तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) शामिल हैं।
विपक्षी दल निर्वाचन आयोग से जुड़े घटनाक्रम और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया को लेकर समन्वय की कोशिश कर रहे हैं।
‘इंडिया’ गठबंधन की 30 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है, जिसमें विपक्षी दल इस मुद्दे और आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।
भाषा हक दिलीप प्रशांत
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