श्रीनगर, 12 जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्ट (माकपा) ने रविवार को कहा कि वह जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर नेशनल कांफ्रेंस के विरोध-प्रदर्शन में शामिल होगी।
यह विरोध-प्रदर्शन सोमवार को होगा जो संसद के मॉनसून सत्र का पहला दिन है।
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के निमंत्रण का स्वागत करते हुए माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद अब्बास राठेर ने सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और आम लोगों से अपील की कि वे विचारधारा या संबद्धता से ऊपर उठकर राज्य का दर्जा पाने के लिए एकजुट हों।
उन्होंने भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र के एकतरफा फैसले की आलोचना की।
उन्होंने कहा,‘‘यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के संबंधित पक्षों से बिना किसी बातचीत के लिया गया। यह लोगों के अधिकारों पर एक अभूतपूर्व हमला है। यह सिर्फ किसी एक पार्टी या एक इलाके पर हमला नहीं था, बल्कि इसने पूरे इलाके के हर समुदाय, जाति और धर्म के लोगों को प्रभावित किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को पूरा करने के बजाय, केंद्र सरकार ने 12 जुलाई, 2024 को एक अधिसूचना जारी कर सरकारी कार्य संचालन नियम में और संशोधन किया। इससे उपराज्यपाल को पुलिस, कानून-व्यवस्था और अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों (आईएएस, आईपीएस और आईएफएस) के पदस्थापन और स्थानांतरण के मामलों में ज़्यादा कार्यकारी अधिकार मिल गए। इस कदम का मकसद निर्वाचित सरकार के अधिकारों को और कम करना था ताकि जनादेश को कमजोर किया जा सके।’’
राठेर ने कहा कि राज्य का दर्जा देने की मांग संवैधानिक व्यवस्था के व्यापक हित में है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में किसी भी प्रकार की और देरी से जनता में व्याप्त असंतोष एवं निराशा और भी गहरी हो जाएगी।’’
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश