अहमदाबाद, 21 सितंबर (भाषा) गुजरात उच्च न्यायालय ने पत्रकार रवि नायर की उस याचिका में अदाणी एंटरप्राइजेज को हलफनामा दाखिल करने की सोमवार को अनुमति दी, जिसमें उन्होंने कंपनी की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है।
न्यायमूर्ति एम. के. ठक्कर की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई बुधवार को निर्धारित की, जबकि आदेश में कहा गया, ‘‘जब नोटिस जारी होने पर शिकायतकर्ता की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित हो, तो उसे उचित अवसर दिया जाना आवश्यक है।’’
उच्च न्यायालय ने नायर की याचिका पर शनिवार को गुजरात सरकार और अदाणी एंटरप्राइजेज को नोटिस जारी किया था। नायर ने याचिका में मानहानि मामले में सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने के कारण सत्र अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है।
सोमवार को अदाणी की ओर से पेश वकील ने हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा कि ‘‘कुछ ऐसे तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने के लिए समय चाहिए, जो याचिकाकर्ता के खिलाफ जा सकते हैं और कुछ कानूनी पक्ष भी हैं, जो संभवतः याचिकाकर्ता के खिलाफ जा सकते हैं।’’
नायर के वकील ने अंतरिम राहत का अनुरोध करते हुए कहा कि अदाणी इस मामले में अपनी बात रखने का अधिकार नहीं रखते, क्योंकि वह एक निजी पक्ष हैं, अभियोजन पक्ष नहीं।
नायर के वकील ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसलों को देखते हुए पत्रकार को एक दिन के लिए भी जेल में नहीं रहना चाहिए।
नायर को 17 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले गांधीनगर की एक जिला अदालत ने आपराधिक मानहानि मामले में नायर की दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी अपील की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
इस साल 10 फरवरी को गांधीनगर की मानसा अदालत ने अदाणी एंटरप्राइजेज की ओर से तीन सितंबर, 2021 को दायर एक आपराधिक मानहानि मामले में नायर को एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला उनके नाम से जुड़े कुछ ट्वीट और लेखों को लेकर दायर किया गया था।
नायर ने अपनी दोषसिद्धि को गांधीनगर की अपीलीय अदालत में चुनौती दी थी। अदालत ने इस साल नौ मार्च को उन्हें इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह अपनी अपील की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहेंगे।
नायर के वकीलों ने कहा कि पत्रकार तीन सितंबर को हुई सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, क्योंकि उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें अपने गृह राज्य केरल से यात्रा करनी पड़ती है। उनके वकीलों के अनुसार, अपीलीय अदालत ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की उनकी अर्जी खारिज कर दी और बिना किसी पूर्व नोटिस के उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया।
अदालत ने नायर को हिरासत में लेने का निर्देश दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
भाषा अमित दिलीप
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