एमएसपी, खाद्य सुरक्षा, पीडीएस को समाप्त करने की ‘कुटिल’ साजिश जारी रहेगी: सिद्धू

एमएसपी, खाद्य सुरक्षा, पीडीएस को समाप्त करने की ‘कुटिल’ साजिश जारी रहेगी: सिद्धू

एमएसपी, खाद्य सुरक्षा, पीडीएस को समाप्त करने की ‘कुटिल’ साजिश जारी रहेगी: सिद्धू
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: November 21, 2021 5:06 pm IST

चंडीगढ़, 21 नवंबर (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को आरोप लगाया कि तीन ‘‘काले’’ कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा के बावजूद केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा, सरकारी खरीदारी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को समाप्त करने की ‘‘कुटिल’’ साजिश जारी रखेगी।

सिद्धू ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने वाला कानून बनाने को लेकर सरकार ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मेादी ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि सरकार ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है।

सिद्धू ने ट्वीट किया, ‘‘आज, हम केंद्र के तीन काले कानूनों के खिलाफ हमारी जीत की खुशी मना रहे हैं… हमारा वास्तविक काम अब शुरू हुआ है। केंद्र सरकार की कृषि कानूनों के बिना एमएसपी को समाप्त करने, गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा समाप्त करने, सरकारी खरीदारी समाप्त करने और पीडीएस को समाप्त करने की कुटिल साजिश जारी रहेगी। यह योजना अब गोपनीय होगी और अधिक खतरनाक होगी।’’

पूर्व क्रिकेटर सिद्धू ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘‘खरीद, भंडारण और खुदरा क्षेत्र को निजी पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने की केंद्र की योजना अब भी जारी है… एमएसपी विधेयक को लेकर केंद्र ने कुछ नहीं कहा है। हम जून 2020 की स्थिति में वापस लौट आए हैं। छोटे किसानों को कॉरपोरेट अधिग्रहण से बचाने के लिए पंजाब सरकार के समर्थन की जरूरत है – पंजाब मॉडल ही एकमात्र रास्ता है।’’

इससे पहले, सिद्धू ने शुक्रवार को तीन कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की घोषणा को ‘‘सही दिशा में उठाया गया कदम’’ करार दिया था। उन्होंने साथ ही कहा था कि एमएसपी कृषि कानूनों से कहीं बड़ा मुद्दा है।

किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020, किसानों (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 के खिलाफ कई किसान नवंबर 2020 से प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाषा सिम्मी दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में