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नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को बिश्केक में अपने चीनी समकक्ष एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के संबंध में चर्चा की।
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन के इतर यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की दिशा में प्रयासरत हैं।
सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से बातचीत कर खुशी हुई।’’
इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है कि सिंह और डोंग के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई।
पता चला है कि सिंह और डोंग ने एलएसी पर समग्र स्थिति के संबंध में चर्चा की, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी जोर दिया गया।
फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि वार्ता में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हुई या नहीं। यह बैठक भारत और चीन के संबंधों को सुधारने के प्रयासों के बीच हुई है।
पिछले कुछ महीनों में, दोनों पक्षों ने अपने संबंधों को फिर से सुधारने के लिए कई उपाय शुरू किए हैं। जून 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था।
राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की वार्ताओं के बाद, दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ गतिरोध वाले कई बिंदुओं से अपने-अपने सैनिकों को वापस बुला लिया।
रक्षा मंत्री ने रूस के अपने समकक्ष आंद्रेई बेलोसोव से भी मुलाकात की।
सिंह ने कहा, ‘‘बिश्केक में एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोसोव के साथ बातचीत अच्छी रही।’’
पता चला है कि सिंह और बेलोसोव ने रूस द्वारा भारत को एस-400 वायु रक्षा मिसाइलों की आपूर्ति सहित विभिन्न रक्षा खरीद परियोजनाओं पर चर्चा की।
अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ पांच अरब अमेरिकी डॉलर का समझौता किया था, जिसके तहत पांच मिसाइल प्रणाली इकाइयों की खरीद की जानी थी, और इनमें से तीन इकाइयां पहले ही भारत को सौंप दी गई हैं। चौथी इकाई के अगले कुछ दिनों में मिलने की उम्मीद है, जबकि पांचवीं इकाई नवंबर में भेजे जाने की संभावना है।
पिछले महीने, भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल प्रणाली की नयी खेप के तहत पांच और प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दे दी, जिससे इनकी कुल संख्या 10 हो जाएगी।
सिंह ने एससीओ बैठक के इतर बेलारूस के अपने समकक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से भी मुलाकात की।
सिंह ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बिश्केक में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। हमारी बातचीत दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित रही।’’
सिंह एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे थे।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप