दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालय में एसटीईएम लैब, स्मार्ट शौचालय का उद्घाटन किया

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दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालय में एसटीईएम लैब, स्मार्ट शौचालय का उद्घाटन किया

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 03:15 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 03:15 PM IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को शालामार गांव के राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में लाडली फाउंडेशन के तहत कई पहल का उद्घाटन किया जिनमें एआई-एकीकृत स्मार्ट शौचालय, एसटीईएम लैब, कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लासरूम शामिल हैं।

अधिकारियों ने कहा कि सुविधाओं को सरकारी स्कूल में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में सुधार लाने और छात्रों को तकनीक आधारित सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

गुप्ता ने कहा कि उन्होंने लगभग एक साल पहले स्कूल का दौरा किया था और वह शौचालय और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति से असंतुष्ट थीं।

उन्होंने कहा, ‘जब मैं पहली बार यहां आई थी तो शौचालयों और अन्य सुविधाओं की हालत देखकर बहुत नाराज होकर चली गई थी। आज, एक साल बाद, मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि यह स्कूल दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में शुमार हो गया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल में अब कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, एक ‘कंप्यूटर लाइब्रेरी’, एक एसटीईएम लैब और एआई-आधारित सेंसर युक्त आधुनिक शौचालय ब्लॉक हैं जो स्वच्छता बनाए रखने में मदद करता है।

गुप्ता ने इस पहल का समर्थन करने और छात्रों के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए ‘हनीवेल टेक्नोलॉजीज’ के अध्यक्ष आशीष मोदी और लाडली फाउंडेशन के संस्थापक देवेंद्र गुप्ता को धन्यवाद दिया।

गुप्ता ने कहा कि यह सहयोग सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने में सरकार और समाज के बीच साझेदारी के महत्व को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, ‘कोई राज्य केवल सरकार के प्रयासों से प्रगति नहीं कर सकता। समाज और लोगों को भी आगे आकर पहल करने की जरूरत है। जब सरकार और समाज मिलकर काम करेंगे तभी देश और राज्य प्रगति कर सकते हैं।’

अपने निर्वाचन क्षेत्र में सामुदायिक पहल के साथ अपने जुड़ाव को याद करते हुए गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पहले स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर बच्चों, महिलाओं और युवाओं के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का काम किया था, जिसमें स्कूल बैग वितरित करना और मेधावी छात्रों को सम्मानित करना भी शामिल था।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों का उद्देश्य बच्चों की सहायता करना और उनके लिए बेहतर अवसर पैदा करना है।

भाषा नोमान नोमान मनीषा

मनीषा