नयी दिल्ली, नौ फरवरी (भाषा) दिल्ली के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने बवाना इलाके में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने के कारण अपना दाहिना पैर गंवा देने वाले एक व्यक्ति को 68.56 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
न्यायाधिकरण के अध्यक्ष सुनील कुमार पीड़ित पवन कुमार की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। पवन की मोटरसाइकिल को आठ जून 2021 को पूठ खुर्द में वाल्मीकि अस्पताल के पास एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी, जिसकी वजह से उसका दाहिना पैर कट गया था।
न्यायाधिकरण ने चार फरवरी को पारित आदेश में कहा कि यह साबित हो गया है कि दुर्घटना ट्रक चालक के लापरवाही से और तेज रफ्तार से वाहन चलाने की वजह से हुई, जिसमें पवन को गंभीर चोटें आईं।
न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि पवन का दाहिना पैर 80 प्रतिशत तक निष्क्रिय हो गया और पूरे शरीर की कार्य क्षमता में 40 प्रतिशत की कमी आ गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह पैर कट जाने से व्यक्ति की दैनिक गतिविधियों और आय पर जीवनभर असर पड़ता है।
न्यायाधिकरण ने भविष्य में होने वाले आय के नुकसान के अलावा चिकित्सा खर्च, विशेष आहार, यात्रा खर्च, सहायक शुल्क, दर्द व पीड़ा, मानसिक आघात समेत विभिन्न कठिनाइयों के लिए पवन को कुल 68.58 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
न्यायाधिकरण ने कहा कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा था। उसने बीमा कंपनी को मुआवजा राशि जमा करने का निर्देश दिया।
भाषा जोहेब पारुल
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