नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) दिल्ली सरकार ने राजधानी की पांच सड़कों के पुनर्विकास की योजना बनाई है जिन्हें धूल-मुक्त, हरित और पैदल यात्रियों के अनुकूल ‘मॉडल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपराज्यपाल टीएस संधू ने की। बैठक में सड़क निर्माण एवं रखरखाव एजेंसियों तथा जाम कम करने की योजना पर काम कर रहे योजना एवं वास्तुकला विद्यालय (एसपीए) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
एसपीए से जुड़े सूत्रों ने कहा, “काम पूरा होने के बाद ये परिवहन कॉरिडोर धूल नियंत्रण के मॉडल बनने के साथ-साथ हरित, पैदल यात्रियों के अनुकूल और मनोरंजन सुविधाओं से युक्त ऐसे मार्गों में बदल जाएंगे, जो 24 घंटे सक्रिय रहेंगे।”
योजना के तहत जिन सड़कों के पुनर्विकास की पहचान की गई है उनमें मिंटो रोड-आईटीओ-कड़कड़डूमा, मिंटो रोड-अरुणा आसफ अली मार्ग-जवाहरलाल नेहरू मार्ग-दिल्ली गेट तथा नेताजी सुभाष मार्ग-शांति वन-महात्मा गांधी मार्ग (यमुना के किनारे)-आईटीओ-आईपी एस्टेट मेट्रो स्टेशन कॉरिडोर शामिल हैं। ये सभी मार्ग मध्य और उत्तर दिल्ली में स्थित हैं।
सूत्रों ने बताया कि दक्षिण दिल्ली में धौला कुआं से जेल रोड तथा पश्चिम दिल्ली में करिअप्पा मार्ग से तिलक नगर चौराहा और नजफगढ़ रोड पर उत्तम नगर-तिलक नगर से राजौरी गार्डन तक के हिस्से को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है।
पुनर्विकास योजना के अनुसार जलभराव रोकने के लिए मजबूत वर्षा जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
सूत्रों ने कहा, “सार्वजनिक सुविधाओं और विश्राम स्थलों से युक्त एकीकृत पैदल मार्ग तथा साइकिल ट्रैक भी विकसित किए जाएंगे।”
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए सड़क प्रकाश व्यवस्था, अल्पकालिक पार्किंग और निगरानी प्रणाली की भी व्यवस्था की जाएगी।
सड़कों पर धूल कम करने के लिए योजना के तहत डिवाइडर वाले हिस्सों को बड़े पैमाने पर घास से ढका जाएगा और पाइप के जरिए सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी ताकि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
सरकार द्वारा चिन्हित सड़कें राष्ट्रीय राजधानी की सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली सड़कों में शामिल हैं और इन पर जल्द ही प्रारंभिक कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
भाषा
राखी नरेश
नरेश