राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर वर्षा जल निकासी के लिए नाला बनाने की संभावना तलाशे दिल्ली सरकार: अदालत

राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर वर्षा जल निकासी के लिए नाला बनाने की संभावना तलाशे दिल्ली सरकार: अदालत

राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर वर्षा जल निकासी के लिए नाला बनाने की संभावना तलाशे दिल्ली सरकार: अदालत
Modified Date: July 30, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: July 30, 2026 7:49 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी के अधिकारियों से कहा है कि वे महिपालपुर और रंगपुरी गांव के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के उस हिस्से पर अत्यधिक बारिश के बाद पानी की निकासी के लिए नाला बनाने की संभावना की जांच करें, ताकि वहां वर्षा जल जमा नहीं हो।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत पी.एस. अरोड़ा की पीठ ने इस बात पर गौर किया कि यह राजमार्ग गुरुग्राम की ओर जाता है और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डा के पास है। अदालत ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के तहत विशेष कार्य बल को निर्देश दिया कि वे इस मुद्दे पर विशेष रूप से एक बैठक करें और सभी संबंधित पक्षों से बातचीत के बाद रिपोर्ट दाखिल करें।

संबंधित पक्षों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) शामिल हैं।

पीठ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कार्य बल ‘जीएमआर ग्रुप’ से भी बात करेगा, जो दिल्ली हवाई अड्डे का संचालन करने वाले संघ (कंसोर्टियम) का हिस्सा है।

अदालत, गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘सोशल जूरिस्ट’ की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर महिपालपुर और रंगपुरी गांव के बीच के हिस्से में बारिश के पानी की निकासी के लिए एक सही जल निकासी प्रणाली बनाने का अनुरोध किया गया था।

याचिकाकर्ता ने अदालत को तस्वीरें दिखाकर बताया कि कैसे बारिश के मौसम में भारी जलभराव के कारण महिपालपुर चौराहा समेत पूरा इलाका पानी में डूब जाता है।

अदालत ने 23 जुलाई के आदेश में कहा, ‘‘हवाई अड्डे से निकटता और गुरुग्राम क्षेत्र के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग होने की वजह से इस क्षेत्र के स्थान की महत्ता को देखते हुए मामले में प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया जाए।’’

अदालत ने निर्देश दिया कि पक्षकारों की पहली बैठक तीन अगस्त से सात अगस्त के बीच किसी भी तारीख को आयोजित की जाए और अगली सुनवाई की तारीख तक संबंधित अधिकारियों से स्थिति रिपोर्ट जमा करने को कहा।

मामले पर अब अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी।

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश


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