बंबई उच्च न्यायालय के नीट के नतीजों के खिलाफ चार छात्रों की याचिकाएं खारिज कीं

बंबई उच्च न्यायालय के नीट के नतीजों के खिलाफ चार छात्रों की याचिकाएं खारिज कीं

बंबई उच्च न्यायालय के नीट के नतीजों के खिलाफ चार छात्रों की याचिकाएं खारिज कीं
Modified Date: July 30, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: July 30, 2026 10:32 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 30 जुलाई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने चार छात्रों की ओर से दाखिल उन याचिकाओं को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया, जिनमें जून में संपन्न राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के नतीजों को चुनौती दी गई थी।

न्यायमूर्ति एनबी सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति एडी शिंदे की औरंगाबाद पीठ ने बिना किसी ठोस आधार के आरोप लगाने के लिए प्रत्येक याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

उप सॉलिसिटर जनरल अजय तलहार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जब अदालत ने कोई राहत देने से इनकार कर दिया, तो दो याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिकाएं वापस ले लीं।

मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए मई में आयोजित नीट का प्रश्नपत्र लीक होने की बात सामने आने के बाद जून में यह परीक्षा पुन: आयोजित की गई थी।

ऋचा देशपांडे, सोहम गावटे, अथर्व जगताप और राहुल अरुणा नाग ने उच्च न्यायालय में दायर अपनी याचिकाओं में दावा किया था कि उनके नीट नतीजे में दिख रहे अंक उनके प्रदर्शन से मेल नहीं खाते हैं और उनकी उत्तर पुस्तिका का सत्यापन किया जाना चाहिए।

अदालत ने 23 जुलाई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को मूल उत्तर पुस्तिकाएं पेश करने का निर्देश दिया था, क्योंकि अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) उत्तर पुस्तिकाओं और अंकों में विसंगति का आरोप लगाया था।

उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सभी पक्षों की मौजूदगी में मूल उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की और पाया कि एनटीए की ओर से दिए गए अंक उत्तर पुस्तिकाओं से मेल खाते हैं।

भाषा पारुल पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में