दिल्ली सरकार हरित निधि से किए गए व्यय का लेखाजोखा रखेगी

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दिल्ली सरकार हरित निधि से किए गए व्यय का लेखाजोखा रखेगी

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 07:53 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 07:53 PM IST

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार विभिन्न हरित उद्देश्यों के लिए आवंटित बजट प्राप्त करने वाले 17 प्रमुख विभागों के व्यय का लेखाजोखा रखेगी ताकि स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त राष्ट्रीय राजधानी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक बयान में बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1.03 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट में से पिछले महीने 22,236 करोड़ रुपये ‘हरित बजट’ के रूप में आवंटित किए और दिल्ली को स्वच्छ तथा हरा-भरा बनाने के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार की गई।

सरकार के 17 विभागों को यमुना की सफाई और ई-बसों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हरित पहल को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित निधि आवंटित की गई है।

इन लक्ष्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी व्यवस्थित रूप से बांटी गई, जिसमें 17 प्रमुख विभागों को विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए चरणबद्ध बजट आवंटित किया गया।

इस निधि का सबसे बड़ा हिस्सा 6,485 करोड़ रुपये यमुना की सफाई और जल शोधन अवसंरचना के विस्तार के लिए दिल्ली जल बोर्ड को आवंटित किया गया है। परिवहन विभाग को इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बयान में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को धूल प्रदूषण से निपटने और दिल्ली में हरित अवसंरचना के निर्माण के लिए 3,350 करोड़ रुपये मिलेंगे।

योजनाकार विभाग को हरित परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उन्हें सुव्यवस्थित करने के लिए 2,350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शहरी विकास विभाग और डीयूएसआईबी को लक्षित पर्यावरणीय हस्तक्षेपों के लिए कुल 2,273 करोड़ रुपये मिलेंगे।

भाषा यासिर संतोष

संतोष