नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ब्रिटेन से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नौ करोड़ रुपये मूल्य की 18 लाख से अधिक नशीली गोलियां जब्त कीं। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी ने बताया कि इस मामले से एक संगठित दवा नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जो प्रतिबंधित दवाओं की विदेशों में तस्करी के लिए लॉजिस्टिक्स फर्मों, कूरियर सेवाओं और निर्यात खेपों का इस्तेमाल करता था।
पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) विक्रम सिंह ने एक बयान में बताया, “यह मामला पिछले साल सात अक्टूबर का है, जब अपराध शाखा की एक टीम ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर सरिता विहार में जाल बिछाया और शाम करीब साढ़े छह बजे टीम ने मोहम्मद आबिद (50) को गिरफ्तार किया व उसके पास से 14.472 किलोग्राम वजनी 54,000 ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड गोलियां बरामद कीं।”
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई, जिसके दौरान पुलिस ने गिरोह की इस तस्करी गिरोह का खुलासा किया।
आरोपी आबिद ने खुलासा किया कि उसने गोलियां अपने रिश्तेदार और दामाद जावेद खान से खरीदी थीं।
खान को 30 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के दौरान उसने समाल्का स्थित प्रहलाद लॉजिस्टिक्स के मालिक सुनील कुमार को अपना स्रोत बताया। सुनील कुमार को पिछले साल दो नवंबर को गिरफ्तार किया गया और उसने विष्णु दत्त शर्मा का नाम गोलियां मुहैया कराने वाले के रूप में बताया।
पुलिस ने बताया, “निर्यातक के रूप में काम करने वाले शर्मा को भी दो नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने विकास सिंह उर्फ ईश्वर सिंह और टीसी सेदाना से भी संबंध होने की जानकारी दी। विकास सिंह को छह नवंबर को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य सहयोगी, नौशाद उर्फ बबलू को भगोड़ा घोषित करने की कार्यवाही जारी है।”
पुलिस के अनुसार, शर्मा ने घरेलू सामान की आड़ में एक कंटेनर ब्रिटेन भेजा था, जिसमें ट्रामाडोल और अन्य प्रतिबंधित गोलियों से भरे 32 बक्से छुपाए गए थे।
पुलिस ने बताया कि सूचना मिलते ही अपराध शाखा ने सीमा शुल्क अधिकारियों से समन्वय किया और सुनिश्चित किया कि खेप को रोक लिया जाए।
पुलिस के मुताबिक, ब्रिटेन में माल की आपूर्ति नहीं हुई और उसे भारत वापस भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि कंटेनर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के टी-3 टर्मिनल पर पहुंचा, जहां 16 फरवरी को औषधि निरीक्षक, एफएसएल टीम और सीमा शुल्क एसआईटी की उपस्थिति में संयुक्त छापेमारी की गई। पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान नशीली गोलियों की एक बड़ी खेप बरामद कर जब्त की गई।
पुलिस ने बताया कि बरामदगी में 13,80,000 अल्प्राजोलम टैबलेट (वजन 404.340 किलोग्राम), 1,95,800 अल्प्राजोलम टैबलेट (वजन 48.950 किलोग्राम), 94,000 ट्रामाडोल टैबलेट (वजन 25.568 किलोग्राम), 41,600 ट्रामाडोल टैबलेट (वजन 10.940 किलोग्राम), 30,000 जोलपिडेम टैबलेट (वजन 11.340 किलोग्राम) और 52,000 नाइट्राजेपाम टैबलेट (वजन 12.792 किलोग्राम) शामिल थीं।
भाषा जितेंद्र प्रशांत
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