दिल्ली पुलिस ने 52 लाख रुपये की डकैती मामले में नौ साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया

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दिल्ली पुलिस ने 52 लाख रुपये की डकैती मामले में नौ साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 09:18 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 09:18 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस उस 55-वर्षीय व्यक्ति को करीब नौ साल तक फरार रहने के बाद गिरफ्तार कर लिया है, जिसने 2017 में पुलिसकर्मी बनकर 52.5 लाख रुपये की डकैती डाली थी।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि उत्तम नगर निवासी आरोपी राजेश डावर उर्फ राजीव 2017 से फरार था और मालवीय नगर थाने में दर्ज एक मामले में वांछित था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अदालत ने उसे भगोड़ा भी घोषित कर दिया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डावर ने गिरफ्तारी के वक्त किसी और के नाम पर फर्जी मेडिकल दस्तावेज पेश करके पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, जिसमें उसने चोट के कारण आंशिक रूप से लकवाग्रस्त होने का दावा किया था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 10 जुलाई, 2017 का है, जब प्रोपर्टी डीलर राजेश कुमार को पंचशील विहार में एक फर्जी भूमि सौदे में फंसाया गया था और उन्हें एवं उनके सहयोगियों को 1.70 करोड़ रुपये के भूखंड के लिए बयाना राशि के रूप में करीब 50 लाख रुपये लाने के लिए कहा गया था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘जब शिकायतकर्ता और उसके साथी 52.5 लाख रुपये लेकर घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें पास के एक कार्यालय में ले जाया गया, जहां पुलिसकर्मी बनकर आए सात से आठ लोगों ने बंदूक के बल पर उनके साथ मारपीट की।’

अधिकारी ने बताया कि डावर ने उनपर अवैध मुद्रा विनिमय का आरोप लगाया, उनके फोन और कार की चाबियां छीन लीं और नकदी लेकर फरार हो गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (आईपीसी) और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच के दौरान आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, पुलिस ने बताया कि डावर तब से फरार था।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने डावर के उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में होने की सूचना मिली और 26 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया।

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुद को राशिद खान बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और उसी नाम से चिकित्सा दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि वह चोट के कारण आंशिकरूप से लकवाग्रस्त हो गया है।

अधिकारी ने बताया, ‘‘लगातार पूछताछ करने पर उसने अपनी असली पहचान राजेश डावर के रूप में बताई और 2017 के डकैती मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।’’

उन्होंने बताया कि उसके मूल आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद कर लिये गए हैं।

पुलिस ने बताया कि डावर जहांगीरपुरी में फर्जी पहचान के तहत रह रहा था और गिरफ्तारी से बचने और लिए गुजारा चलाने के लिए मोबाइल फोन की एक दुकान पर काम कर रहा था।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश