नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सोमवार को जारी मसौदा मतदाता सूची में 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। जिन लोगों के नाम मसौदा सूची में नहीं हैं, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर तक दावा दाखिल कर नाम शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को जारी की जाएगी।
मतदाता अपना नाम कैसे जांच सकते हैं?—
मतदाता दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और निर्वाचन आयोग के मतदाता पोर्टल के माध्यम से मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम जांच सकते हैं।
ईपीआईसी (मतदाता पहचान पत्र) संख्या से खोज : राज्य के रूप में दिल्ली का चयन कर ईपीआईसी संख्या और कैप्चा कोड दर्ज करने के बाद नाम खोजा जा सकता है।
मोबाइल नंबर से खोज : दिल्ली और अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करने के बाद निर्वाचन आयोग में पंजीकृत मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज कर नाम देखा जा सकता है।
यदि मसौदा मतदाता सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
यदि किसी मतदाता या निवासी का नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं है तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। पात्र व्यक्ति 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा दाखिल कर अपना नाम शामिल करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 जमा करना होगा।
जो लोग स्थायी रूप से अपना निवास स्थान बदल चुके हैं और नए निर्वाचन क्षेत्र में नाम स्थानांतरित कराना चाहते हैं, वे नए पते वाले क्षेत्र में फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।
मसौदा मतदाता सूची से 47.5 लाख मतदाताओं के नाम क्यों हटे?—
अधिकारियों के अनुसार, घर-घर जाकर किए गए सत्यापन अभियान में मौजूदा मतदाता सूची में शामिल सभी 1,45,10,299 मतदाताओं को शामिल किया गया था। इनमें से 67 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के सत्यापन फॉर्म बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा जमा कर डिजिटल किए गए।
शेष 47,56,722 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहरी प्रविष्टि वाले और अन्य (एएसडीडीओ) श्रेणी में रखा गया तथा इसी कारण उनके नाम मसौदा सूची में शामिल नहीं किए गए।
अधिकतर मतदाताओं को इस श्रेणी में ‘‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’’ के रूप में दर्ज किया गया है। हालांकि, मसौदा सूची से नाम हटने का अर्थ यह नहीं है कि पात्र मतदाता दावा अवधि के दौरान अपना नाम शामिल नहीं करा सकते।
फॉर्म-6 क्या है?—
फॉर्म-6 का इस्तेमाल निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960 के तहत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन करने में किया जाता है। आवेदकों को अपनी जन्मतिथि और निवास स्थान को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज जमा करने होते हैं।
जन्म प्रमाण के लिए इनमें से कोई एक दस्तावेज दिया जा सकता है:—सक्षम स्थानीय निकाय या जन्म-मृत्यु पंजीयक द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र,
आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, सीबीएसई, आईसीएसई या राज्य बोर्ड की 10वीं अथवा 12वीं की अंकतालिका/प्रमाण पत्र और भारतीय पासपोर्ट आदि।
यदि इनमें से कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो आवेदक निर्धारित विवरण के साथ अपने नाम या माता-पिता, पति/पत्नी अथवा वयस्क बच्चों के नाम पर जारी पते के प्रमाण की स्व-प्रमाणित प्रति जमा कर सकता है।
निवास प्रमाण के लिए कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?—
निवास प्रमाण के रूप में इनमें से कोई एक दस्तावेज जमा किया जा सकता है:—
1-कम से कम एक वर्ष पुराना पानी, बिजली या गैस कनेक्शन का बिल
2-आधार कार्ड
3-राष्ट्रीयकृत या अनुसूचित बैंक अथवा डाकघर की वर्तमान पासबुक
4-भारतीय पासपोर्ट
5-राजस्व विभाग के भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड, जिसमें किसान बही शामिल है
6-किरायेदार के मामले में पंजीकृत किराया अनुबंध
7-मालिक के मामले में पंजीकृत बिक्री विलेख
फॉर्म-6 कैसे जमा किया जा सकता है?—-
भरा हुआ फॉर्म-6 निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल या ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जा सकता है।
इसके अलावा इसे सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) या बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से ऑफलाइन भी जमा किया जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मतदाताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करना सबसे आसान तरीका है।
एसआईआर प्रक्रिया क्यों की जा रही है?—
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उद्देश्य सटीक और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना तथा त्रुटियों एवं अपात्र नामों को हटाना है। इस प्रक्रिया के तहत बूथ स्तर अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करते हैं और अद्यतन जानकारी एकत्र करते हैं।
देशभर में वर्ष 2002-2004 के दौरान भी मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण किया गया था।
दिल्ली में एसआईआर-2026 के तहत घर-घर सत्यापन अभियान 30 जून को शुरू हुआ था और 17 अगस्त को समाप्त हुआ। इसके बाद 31 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची जारी की गई और दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो 30 सितंबर तक चलेगी।
दावों और आपत्तियों की जांच के बाद नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित होगी।
भाषा
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