Delhi To London Bus: बस से 70 दिन में होगी 18 देशों की सैर, आप भी हैं इच्छुक तो जानें किराया

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रास्ता तय हो जाने के बाद एडवेंचर्स ओवरलैंड की ओर से ‘बस टू लंदन’ की पहल के तहत इस बस में यात्रा करने के इच्छुक लोग 70 दिनों में करीब 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 18 देशों का सफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको 20 हजार डॉलर यानी करीब 15 लाख का पैकेज लेना होगा।

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  • Publish Date - February 11, 2022 / 12:22 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:00 PM IST

bus tour to london

लंदन. Delhi To London Bus Service: क्या आप भी बस से विदेश घूमना चाहते हैं, अगर हां तो बहुत जल्द आपको यह मौका मिलने वाला है। भारत-म्यांमार सीम पर आवाजाही सामान्य होने के साथ दिल्ली से लंदन के लिए बस (Delhi To London Bus Service)सर्विस शुरू की जा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार इसी साल सितंबर में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस लग्जरी बसें दिल्ली से लंदन के लिए रवाना हो जाएंगी।

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रास्ता तय हो जाने के बाद एडवेंचर्स ओवरलैंड की ओर से ‘बस टू लंदन’ की पहल के तहत इस बस में यात्रा करने के इच्छुक लोग 70 दिनों में करीब 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 18 देशों का सफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको 20 हजार डॉलर यानी करीब 15 लाख का पैकेज लेना होगा। इस पैकेज में टिकट, वीजा और अलग-अलग देशों में ठहरने की सुविधा सरीखी सभी सेवाएं शामिल होंगी।

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बता दें कि 46 साल बाद यह दूसरा मौका होगा, जब लोगों को दिल्ली से लंदन के लिए बस सेवा का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। दरअसल, एक ब्रिटिश कंपनी ने 1957 में वाया दिल्ली लंदन-कोलकाता के बीच बस सेवा की शुरुआत की थी। बस चल रही थी, लेकिन कुछ वर्ष बाद बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, फिर एक ब्रिटिश यात्री ने डबल डेकर बस बनाकर, दोबारा सिडनी-भारत-लंदन के बीच बस सेवा शुरू की। ये 1976 तक चलती रही। उस वक्त ईरान के अंदरूनी हालात और भारत-पाकिस्तान के बीच के तनाव की स्थिति को देखते हुए बस सेवा को बंद कर दिया गया था।

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अब फिर से एक बार फिर भारत की एक निजी कंपनी ने इस दिशा में काम शुरू किया है। बस सेवा के लिए तमाम कारणों में जिस वजह से पुरानी बस सेवा बंद हुई थी, उससे बचने के लिए बस का पुराना रूट बदल दिया गया है, पाकिस्तान व अफगानिस्तान की जगह अब इसे म्यांमार, थाईलैंड, चीन, किर्गिस्तान होने हुए फ्रांस तक ले जाया जाएगा। इसके साथ ही इंग्लिश चैनल पार करने के लिए क्रूज का भी सहारा लिया जाएगा।