दिल्ली के परिवहन संगठनों ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के विरोध में राजघाट पर प्रदर्शन किया

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दिल्ली के परिवहन संगठनों ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के विरोध में राजघाट पर प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 09:22 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 09:22 PM IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) दिल्ली के परिवहन संगठनों ने मंगलवार को राजघाट पर प्रदर्शन कर एथनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को वापस लेने की मांग की। इससे पहले, ‘दिल्ली टैक्सी एंड टूरिस्ट ट्रांसपोर्टर्स एंड टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन’ तथा अन्य संगठनों ने जंतर-मंतर से संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया था।

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के कारण हमने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने सभी परिवहन संचालकों से संयम बरतने, सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने तथा ‘गांधीगिरी’ की भावना अपनाने की अपील की।’’

सम्राट ने कहा, ‘‘अगर हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो हम देशव्यापी जनजागरूकता अभियान शुरू करेंगे और निकट भविष्य में जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि उपभोक्ताओं की चिंताओं, ईंधन की गुणवत्ता और विभिन्न ईंधन विकल्पों की उपलब्धता पर व्यापक सार्वजनिक विमर्श होना चाहिए, ताकि वाहन मालिक उचित निर्णय ले सकें। अनेक वाहन मालिकों और परिवहन संचालकों ने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।’’

ई-20 (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित) पेट्रोल नीति को लेकर हाल के समय में विवाद की स्थिति बनी हुई है।

वाहन का ‘माइलेज’ कम होने, इंजन को संभावित क्षति तथा हितों के कथित टकराव का हवाला दिया जा रहा है।

दूसरी ओर, सरकार ने इस नीति का बचाव करते हुए एथनॉल मिश्रण की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की किसी भी योजना से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि यह ईंधन सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल है और किसानों के लिए भी लाभकारी है।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश