आईएसआई समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, चार नाबालिग सहित नौ पकड़े गए : पंजाब पुलिस

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आईएसआई समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, चार नाबालिग सहित नौ पकड़े गए : पंजाब पुलिस

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  • Publish Date - August 4, 2026 / 09:22 PM IST,
    Updated On - August 4, 2026 / 09:22 PM IST

चंडीगढ़, चार अगस्त (भाषा) पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित एवं सीमापार से संचालित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और चार नाबालिगों समेत नौ आरोपियों को पकड़ा है।

पंजाब पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपियों के विदेशी आईएसआई संचालक स्थानीय युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक बड़ी कामयाबी में, अमृतसर आयुक्तालय पुलिस ने आईएसआई समर्थित एवं सीमा-पार से संचालित दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नौ आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें चार नाबालिग शामिल हैं, और उनके पास से तीन अवैध पिस्तौल, चार पेट्रोल बोतल बम और नौ कारतूस बरामद किए हैं।’’

उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विदेश में बैठे आईएसआई के आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे।

यादव ने बताया कि विदेश में बैठे आतंकी आका, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की टोह लेने, अवैध हथियार हासिल करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए स्थानीय युवाओं को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे।

डीजीपी ने बताया कि जांच में रेल पटरियों के पास निगरानी कैमरे लगाए जाने का भी खुलासा हुआ है और इन कैमरों से रिकॉर्ड फुटेज कथित तौर पर विदेशी आकाओं के साथ साझा किया जाता था।

उन्होंने बताया कि अमृतसर के मोहकमपुरा, हवाई अड्डा और सी-डिवीजन पुलिस थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तरनतारन के पट्टी निवासी वंश कुमार (19) और अनमोल सिंह उर्फ साहिल (20), अमृतसर के हरमन सिंह उर्फ हम्मू (24), सुखदेव सिंह (30) और सुखमन सिंह (19) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि शेष चार आरोपी नाबालिग हैं।

पंजाब पुलिस के एक बयान के अनुसार पिस्तौल और पेट्रोल बम बरामद करने के अलावा पुलिस दलों ने चोरी की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है, जिसका इस्तेमाल आरोपी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कर रहे थे।

डीजीपी यादव ने कहा कि आईएसआई समर्थित नेटवर्क के बाकी सदस्यों की पहचान करने, उसके संबंध, पैसों के लेन-देन और दूसरी आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

भाषा अमित देवेंद्र

देवेंद्र