Digital Frauds in India Data Latest: कोई आकर्षक ऑफर के चक्कर में तो कोई फंस गया सुंदर महिला के हुस्न में, भारत में डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश, रिकवरी महज 238.83 करोड़ की

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Digital Frauds in India Data Latest: कोई आकर्षक ऑफर के चक्कर में तो कोई फंस गया सुंदर महिला के हुस्न में, भारत में डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश, रिकवरी महज 238.83 करोड़ की

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 03:18 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 03:18 PM IST

Digital Frauds in India Data Latest: कोई आकर्षक ऑफर के चक्कर में तो कोई फंस गया सुंदर महिला के हुस्न में, भारत में डिजिटल फ्रॉड के आंकड़े देखकर उड़ जाएंगे होश, रिकवरी महज 238.83 करोड़ की / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • 2021-22 से सितंबर 2025 तक देश में 5,83,291 डिजिटल पेमेंट फ्रॉड
  • 3,588.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई
  • केवल 238.83 करोड़ रुपये की राशि ही बरामद की जा सकी

नई दिल्ली: Digital Frauds in India Data Latest केंद्र की मोदी सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, जिसका नतीजा ये है कि भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देश भी UPI को अपना चुके हैं। मोदी सरकार के इस पहल का भारतीय लोगों को विदेश में भी फायदा मिल है, विदेश दौरे के दौरान भारतीय पर्यटक UPI की मदद से अपनी मुद्रा में ही भुगतान कर सकते हैं। लेकिन दूसरी ओर डिजिटल पेमेंट लोगों के लिए मुसीबत भी बनते जा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में साल 2021 से सितंबर 2025 तक डिजिटल फ्रॉड के जरिए लोग 3,588.22 करोड़ रुपए गवां चुके हैं। डिजिटल फ्रॉड के ये आंकड़े खुद मोदी सरकार ने राज्यसभा में पेश किए हैं।

ठगों ने लगाया 3,588.22 करोड़ रुपए का चूना

Digital Frauds in India Data Latest वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 से सितंबर 2025 तक बैंकों और वित्तीय संस्थानों में डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के कुल 5,83,291 मामले दर्ज हुए। इन मामलों में 3,588.22 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई, जबकि अब तक 238.83 करोड़ रुपए की राशि ही बरामद की जा सकी है। सबसे अधिक धोखाधड़ी इंटरनेट बैंकिंग (1,730.14 करोड़ रुपए) और क्रेडिट कार्ड (1,447.27 करोड़ रुपए) से जुड़े मामलों में दर्ज की गई।

साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि

वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि डिजिटल भुगतान में तेजी के साथ ऑथराइज्ड पुश पेमेंट (APP) फ्रॉड और सोशल इंजीनियरिंग आधारित साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अप्रैल 2026 में “Exploring Safeguards in Digital Payments to Curb Frauds” नाम से एक चर्चा पत्र जारी किया है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान करने वाले, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और अन्य संवेदनशील उपभोक्ताओं की सुरक्षा को मजबूत करना है।

जागरूकता पर होने वाले खर्च का रिकॉर्ड नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर फ्रॉड जागरूकता पर होने वाले खर्च का कोई केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई, बैंकों और एनपीसीआई द्वारा देशभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। आरबीआई अब तक 1,489 ई-BAAT (Electronic Banking Awareness and Training) कार्यक्रम आयोजित कर चुका है। इसके अलावा टीवी, एसएमएस, प्रिंट, सोशल मीडिया और “मैं मूर्ख नहीं हूं” जैसे बहुभाषी अभियान के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग से सबसे ज्यादा डिजिटल फ्रॉड

Area of Operation Number of frauds Amount involved (₹ crore) Amount Recovered (₹ crore)
Credit cards 2,43,849 1447.27 177.78
Debit/ATM Cards 94,991 401.17 34.91
Internet Banking 2,42,562 1730.14 24.83
UPI 457 2.13 0.05
Wallet/Prepaid cards 13 0.02 0.00
IMPS/NEFT/RTGS 57 4.80 0.34
AePS/Other Aadhaar related frauds 1,346 1.06 0.76
Other 16 1.63 0.16
Grand Total 5,83,291 3588.22 238.83

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सरकार के अनुसार देश में कितने डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के मामले दर्ज हुए हैं?

राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 से सितंबर 2025 तक कुल 5,83,291 डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के मामले दर्ज हुए

डिजिटल पेमेंट फ्रॉड में कितनी रकम की धोखाधड़ी हुई?

इस अवधि में कुल 3,588.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी दर्ज की गई, जबकि 238.83 करोड़ रुपये की राशि बरामद की गई।

सबसे अधिक डिजिटल फ्रॉड किस माध्यम से हुए?

राशि के हिसाब से सबसे अधिक धोखाधड़ी इंटरनेट बैंकिंग (1,730.14 करोड़ रुपये) और क्रेडिट कार्ड (1,447.27 करोड़ रुपये) से जुड़े मामलों में दर्ज की गई।

डिजिटल पेमेंट फ्रॉड रोकने के लिए सरकार और RBI क्या कर रहे हैं?

आरबीआई ने अप्रैल 2026 में डिजिटल भुगतान सुरक्षा पर चर्चा पत्र जारी किया है। इसके अलावा जागरूकता अभियान, e-BAAT कार्यक्रम और विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को साइबर ठगी से बचाव की जानकारी दी जा रही है।

क्या साइबर फ्रॉड जागरूकता पर खर्च का कोई केंद्रीकृत रिकॉर्ड उपलब्ध है?

नहीं। सरकार ने बताया कि साइबर फ्रॉड जागरूकता पर खर्च का कोई केंद्रीकृत डेटा उपलब्ध नहीं है, हालांकि जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।