नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) पश्चिम दिल्ली में 25 वर्षीय महिला ने अपनी मौत से कुछ मिनट पहले, अपने परिवार को कई बार फोन किया था और मदद के लिए गुहार लगाई थी।
महिला की कथित रूप से चौथी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। उसका भाई को इस बात का अफसोस है कि वह उसे पहले ही अपने घर क्यों नहीं ले आया।
उसके भाई ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘रात करीब 9.55 बजे उसने (पीड़िता ने) अपनी बहन को फोन किया और उसे वहां से ले जाने के लिए कहा वरना ‘वे लोग’ उसे मार डालेंगे। उसने कहा कि ‘वे लोग’ उसे पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। वह बार-बार कह रही थी, ‘अगर मुझे कुछ हो जाए, तो मेरे बच्चे का ख्याल रखना’।’
इसके कुछ देर बाद उसके देवर का फोन आया। परिवार ने आरोप लगाया, ‘उसने सिर्फ इतना कहा कि मेरी बहन छत से गिर गई है।’
जब रिश्तेदार पश्चिमी दिल्ली के एक अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि महिला को मृत घोषित कर दिया गया है।
दहेज हत्या के मामले में महिला के पति और देवर की गिरफ्तारी के बाद, उसके परिवार का कहना है कि उसकी अंतिम कॉल उन्हें अब भी परेशान कर रही है।
उसके भाई ने कहा, ‘काश हम उसे पहले ही घर ले आते।’
महिला की बहन ने उसके साथ आखिरी बातचीत को याद करते हुए बताया कि उसने (महिला ने) कहा था, ‘कृपया जल्दी आओ, वे मुझे पीट रहे हैं। मुझे एक बार अपने पिता की आवाज सुनने दो… मैं शायद तुमसे फिर कभी न मिल सकूं। मेरे बेटे का ख्याल रखना और उसे इन लोगों को मत सौंपना।’
परिवार का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और उसे चौथी मंजिल से धक्का दिया गया, हालांकि पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
महिला की दिसंबर 2022 में राजू सिंह से शादी हुई थी। उनका छह महीने का एक बेटा है।
पुलिस ने कहा कि करोल बाग में एक रियल एस्टेट समूह में निजी सहायक राजू सिंह (27) और उसके छोटे भाई राजकुमार (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिकी में एक अन्य देवर का भी नाम शामिल है।
पुलिस ने परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच के बाद मामला दर्ज किया। चूंकि विवाह के सात साल नहीं हुए थे, इसलिए दहेज हत्या से संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू की गई और मामले की सूचना उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), करोल बाग को दी गई।
लेकिन महिला के परिवार के लिए यह कहानी 18 मई से बहुत पहले शुरू हो गई थी।
उसके भाई ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ महीनों के भीतर ही उसे दिल्ली लाया गया और उस पर दहेज को लेकर दबाव बनाया जाने लगा।
उन्होंने कहा, ‘हमने उसकी शादी खुशहाल जीवन के सपनों के साथ की थी। हमने पहले ही वह सब कुछ दे दिया था जो हम दे सकते थे – एक मोटरसाइकिल, सोने की अंगूठी, एक टेलीविजन और अन्य घरेलू सामान। उस समय, उन्होंने सब कुछ स्वीकार कर लिया और कुछ नहीं कहा।’
भाई ने कहा, ‘वे महंगी चीजें चाहते थे – एक बेहतर बाइक, एसी, फ्रिज और बहुत कुछ। हम किसान हैं। मेरे पिता ने शादी के लिए कर्ज लिया था। हम उन्हें बताते रहे कि हमारे लिए जो भी संभव होगा, हम करेंगे।’
परिवार ने आरोप लगाया कि 25 अप्रैल को उसके एक देवर की शादी के बाद, दहेज को लेकर तुलना तेज हो गई।
भाई ने आरोप लगाया, ‘उन लोगों ने दोनों शादियों की तुलना शुरू कर दी और कहा कि देवर की शादी में बहुत कुछ आया है।’
परिवार ने दावा किया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में कई बार हस्तक्षेप किया था। फरवरी 2024 मामले में, मारपीट के आरोपों के बाद उन्होंने गांव की पंचायत भी बुलाई थी।
उसके भाई ने आरोप लगाया कि उसे एक बार इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि उसके कान का पर्दा फट गया था और परिवार को इलाज के लिए उसे घर लाना पड़ा था।
उन्होंने कहा, ‘जब भी हम शिकायत करने की धमकी देते, वे कुछ समय के लिए ठीक से व्यवहार करते और फिर चीजें वैसी ही हो जातीं।’
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश