डीआरडीओ ने हाइपरसोनिक मिसाइल विकास कार्यक्रम की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की: सरकार

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डीआरडीओ ने हाइपरसोनिक मिसाइल विकास कार्यक्रम की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की: सरकार

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 12:07 AM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 12:07 AM IST

नयी दिल्ली, नौ मई (भाषा) भारत के हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रम की दिशा में बड़ी छलांग लगाते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शनिवार को ‘एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर’ के सफल परीक्षण की घोषणा की।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर’ के इस व्यापक दीर्घकालिक परीक्षण ने भारत को उन्नत वांतरिक्ष क्षमताओं में अग्रणी बना दिया है।

किसी भी हाइपरसोनिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए यह तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि सक्रिय शीतलन से हथियार अविश्वसनीय गति से सैकड़ों मील की दूरी तय कर सकता है।

हैदराबाद स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (डीआरडीएल) में परीक्षण किया गया जो 1,200 सेकंड (20 मिनट) से अधिक समय तक चला। इससे हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के लिए आवश्यक अत्यधिक तापीय भार को सहने की इंजन की क्षमता प्रमाणित हुई।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीआरडीएल ने ‘एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर’ का व्यापक और लंबी अवधि का परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न करके हाइपरसोनिक मिसाइलों के विकास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है।

डीआरडीएल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की एक प्रमुख प्रयोगशाला है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्क्रैमजेट इंजन के सफल जमीनी परीक्षण के लिए डीआरडीओ, उद्योग भागीदारों और शिक्षाविदों को बधाई दी।

भाषा

सुरभि संतोष

संतोष