चंडीगढ़, 21 सितंबर (भाषा) पंजाब के संगरूर जिले में एक व्यक्ति द्वारा अपने गांव में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किए जाने के बाद सोमवार को राज्य में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
घटना के बाद विपक्षी दलों ने इस समस्या पर अंकुश लगाने में ‘‘विफल’’ रहने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा, जबकि सत्तारूढ़ दल ने पलटवार करते हुए इन आरोपों को ‘‘निम्न स्तर की राजनीति’’ करार दिया।
संगरूर के नमोल गांव के निवासी जग्गा सिंह ने कथित तौर पर रविवार को संगरूर जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसका दावा है कि अपने गांव में मादक पदार्थों की आपूर्ति का एक वीडियो साझा करने के बाद स्थानीय सरपंच ने उसे धमकियां दी थीं।
ग्रामीण ने यह भी दावा किया कि उसने इस मामले में पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल उसका पटियाला के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
नमोल पंचायत के नेताओं ने जग्गा सिंह के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि वह पंचायत के साथ विवाद से जुड़े एक मामले में ‘‘खुद को बचाने’’ के लिए ये आरोप लगा रहा है। वहीं, पुलिस ने कहा कि इस ग्रामीण के खिलाफ नौ प्राथमिकियां दर्ज हैं जिसमें एक मामला मादक पदार्थ से जुड़ा है जबकि चार आबकारी मामलों में भी उसे दोषी ठहराया जा चुका है।
आप की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी जग्गा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित होने का दावा किया।
इसी के साथ उन्होंने उसके खिलाफ दर्ज मामलों का भी हवाला दिया जिनमें मादक पदार्थ और बलात्कार के आरोप शामिल हैं।
संबंधित घटनाक्रम सात सितंबर को संगरूर में एक दलित व्यक्ति गुलजार सिंह द्वारा कथित तौर पर की गई आत्महत्या के बाद हुआ।
गुलजार सिंह के परिवार का आरोप है कि दिर्बा में एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मादक पदार्थों की आपूर्ति संबंधित सवाल पूछने पर उसे प्रताड़ित किया गया और उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
जग्गा सिंह ने एक वीडियो में दावा किया कि उसने इंटरनेट पर नशीले पदार्थ ‘चिट्टा’ (सिंथेटिक ड्रग्स) की आपूर्ति का वीडियो पोस्ट किया था।
उसका आरोप है कि गांव के सरपंच ने उसे धमकाया और जबरदस्ती वीडियो ‘डिलीट’ करा दिया।
उसने यह भी दावा किया कि उसके घर के कैमरे भी तोड़ दिए गए और शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जग्गा ने एक और वीडियो में आरोप लगाया कि नमोल गांव में मादक पदार्थों की ‘‘लगातार’’ आपूर्ति हो रही है।
अरोड़ा ने कहा कि नमोल गांव की पंचायत ने पहले एक प्रस्ताव पारित किया था कि गांव में मादक पदार्थों को बेचने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उनके अनुसार, सात सितंबर को जग्गा ने कथित तौर पर गांव के सरपंच और पंचों के साथ दुर्व्यवहार किया, जिससे उनके बीच विवाद हुआ। इसके बाद ग्राम पंचायत और जग्गा दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराईं।
अरोड़ा ने बताया कि 12 सितंबर को जग्गा ने धमकी दी थी कि यदि सरपंच और पंचायत के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा।
अरोड़ा ने मान सरकार की आलोचना करने को लेकर विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि जमीनी हकीकत को समझे बिना आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को ‘‘बदनाम’’ करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने विपक्षी नेताओं को चुनौती दी कि वे नमोल गांव जाएं और पंचायत के खिलाफ बोलकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह ‘‘निम्न स्तर की राजनीति’’ बेहद ‘‘शर्मनाक और निंदनीय’’ है।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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