मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान छात्रों ने उनकी कविताओं का हिंदी और उज्बेक में पाठ किया

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मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान छात्रों ने उनकी कविताओं का हिंदी और उज्बेक में पाठ किया

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 03:21 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 03:21 PM IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल में हुई उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान उनकी कविताएं आकर्षण का केंद्र रहीं। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव की ओर से आयोजित अनौपचारिक रात्रिभोज में मोदी की कविता ‘अभी तो सूरज उगा है’ पर संगीतमय प्रस्तुति दी गई और ताशकंद में विश्वविद्यालय के छात्रों ने उनकी कविताओं का पाठ किया।

अधिकारियों ने बताया कि ‘ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज’ के उज्बेक छात्रों ने प्रधानमंत्री के समक्ष उनकी कविताओं का हिंदी और उज्बेक दोनों भाषाओं में पाठ किया।

विश्वविद्यालय के चौथे वर्ष के छात्र केलदियोरोव दिलहुशबेक ने ‘अभी तो सूरज उगा है’ कविता का हिंदी में पाठ किया, जबकि तीसरे वर्ष की छात्रा दिलशोदा जुराबोएवा ने इसका उज्बेक अनुवाद पढ़ा।

प्रधानमंत्री मोदी की एक अन्य कविता ‘नए भारत के नए संकल्प’ आत्मविश्वास और आकांक्षाओं से भरे ‘नए भारत’ की भावना को व्यक्त करती है। चौथे वर्ष के छात्र ओताबेक अमीरोव ने इसका हिंदी में पाठ किया, जबकि विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष के छात्र इक्रोमखुजा सादिल्लाएव ने इसका उज्बेक अनुवाद पढ़ा।

छात्रों ने मोदी की एक और रचना ‘मानवता को कहीं न लग जाए दाग’ का भी पाठ किया जो मानवता, करुणा और शांति पर केंद्रित है। तीसरे वर्ष की छात्रा ओरजू कुलदोशेवा ने इसे हिंदी में पढ़ा, जबकि विश्वविद्यालय की तीसरे वर्ष की छात्रा फयोजा अब्दुरसुलोवा ने इसका उज्बेक अनुवाद पढ़ा।

अधिकारियों ने बताया कि इन कविताओं को श्रोताओं ने खूब सराहा

प्रधानमंत्री 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पर थे।

भाषा

सिम्मी नरेश

नरेश