डूटा ने ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज के खिलाफ कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया, डीयू को रखेंगे बंद

डूटा ने ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज के खिलाफ कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया, डीयू को रखेंगे बंद

डूटा ने ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज के खिलाफ कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया, डीयू को रखेंगे बंद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:51 pm IST
Published Date: March 23, 2021 12:49 pm IST

नयी दिल्ली, 23 मार्च (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया और ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज को वापस लेने तथा विश्वविद्यालय के अधीन एवं दिल्ली सरकार की वित्तीय मदद वाले 12 कॉलेजों में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की।

शिक्षक संघ ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) को मांगें पूरी होने तक लगातार बंद रखा जाएगा।

इसने पूर्व में आरोप लगाया था कि उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस’ दस्तावेज के जरिए दिल्ली सरकार ‘‘दिल्ली विश्विवद्यालय से इन कॉलेजों का संबंध खत्म करने के तरीके तलाश रही है।’’

डूटा ने 18 मार्च को एक बयान में कहा था, ‘‘पैटर्न ऑफ असिस्टेंस में दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध इन 12 कॉलेजों को शत प्रतिशत वित्तीय मदद वाले दिल्ली सरकार द्वारा प्रायोजित कॉलेज बताया गया है। यह पूरी तरह गलत है क्योंकि ये कॉलेज विश्वविद्यालय के घटक कॉलेज हैं।’’

इसने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को इन 12 कॉलेजों का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का भी विरोध किया है और वित्त विभाग के इससे संबंधित आदेश को वापस लिए जाने की मांग की है।

डूटा का आरोप है कि दिल्ली सरकार इन कॉलेजों को विश्वविद्यालय से बाहर करने और इन्हें स्व-वित्तपोषित आधार पर चलाने का प्रयास कर रही है, जिससे कि सरकारी मदद देने से बचा जा सके।

भाषा नेत्रपाल दिलीप

दिलीप


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