ई20 पेट्रोल ईंधन की खपत को दो से छह प्रतिशत तक घटा सकता है : गडकरी
ई20 पेट्रोल ईंधन की खपत को दो से छह प्रतिशत तक घटा सकता है : गडकरी
नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को संसद को बताया कि 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) वाहनों में ईंधन की खपत को 2 से 6 प्रतिशत तक घटा सकता है।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने तर्क दिया कि ‘डायनमोमीटर’ पर इंजन की मजबूती की जांच और सड़क पर वाहन के परीक्षणों में ई20 के कारण कोई समस्या देखने को नहीं मिली है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, गडकरी ने कहा कि ई10 ईंधन की तुलना में ई20 ईंधन के उपयोग से बेहतर ‘एक्सेलरेशन’ होता है, परिवहन बेहतर व सुगम होता है तथा लगभग 30 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन होता है।
गडकरी ने कहा कि बीएस3, बीएस4 और बीएस6 ई10 (पेट्रोल) वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर ई20 के असर का पता लगाने के लिए ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने संयुक्त रूप से एक अध्ययन किया।
उन्होंने कहा कि इस अध्ययन में संबंधित प्रमाणन आवश्यकताओं के अनुसार, मानक परीक्षण और मूल उपकरण विनिमिर्ताओं के साथ मिलकर तैयार किए गए परीक्षण प्रोटोकॉल शामिल थे।
ई20 पेट्रोल (80 प्रतिशत पेट्रोल, 20 प्रतिशत एथनॉल) का उपयोग शुरू किये जाने पर विपक्षी पार्टियों और कुछ उपभोक्ता समूहों ने आलोचना की है। उन्होंने उन पुरानी गाड़ियों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई है जिन्हें खास तौर पर 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए नहीं बनाया गया था।
आलोचकों ने सवाल किया है कि क्या सभी गाड़ियां ई20 से बखूबी परिचालित हो सकती। उन्होंने कम ईंधन दक्षता और रखरखाव पर अधिक खर्च की आशंका जताई है, और इंजन या ईंधन प्रणाली में कोई समस्या आने पर दायित्व के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी है।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव कई चरणों में किया गया है और इसके लिए व्यापक परीक्षण किया गया है। ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कहा है कि वे ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने वाली गाड़ियों के लिए वारंटी दावे को पूरा करती रहेंगी। विपक्षी पार्टियों ने गाड़ियों की अनुकूलता और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर बार-बार अधिक पारदर्शिता की मांग की है।
गडकरी ने बताया कि 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें इन मिश्रित ईंधन से परिचालित हो रही हैं, और एथनॉल मिश्रण की वजह से व्यापक रूप से इंजन में गड़बड़ी आने या गाड़ी खराब होने का कोई भी प्रामाणिक साक्ष्य नहीं मिला है।
भाषा सुभाष वैभव
वैभव
सुभाष

Facebook


