ईडी ने कर्नाटक में कांग्रेस विधायक के बेटों व रहमान खान के रिश्तेदार के परिसरों पर छापे मारे

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ईडी ने कर्नाटक में कांग्रेस विधायक के बेटों व रहमान खान के रिश्तेदार के परिसरों पर छापे मारे

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 02:52 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 02:52 PM IST

बेंगलुरु, 20 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रिप्टो करेंसी से जुड़े धन शोधन के एक मामले में कर्नाटक के विधायक एवं कांग्रेस नेता एन ए हारिस के बेटों, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के. रहमान खान के एक रिश्तेदार और कुछ अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर सोमवार को छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत शहर में करीब 12 परिसरों पर छापे मारे गए। इनमें विधायक के बेटों मोहम्मद हारिस नलापद और उमर फारूक नलापद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे के. रहमान खान के रिश्तेदार अकीब खान और श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी नाम के कथित क्रिप्टो हैकर के परिसर शामिल हैं।

कांग्रेस नेता एन ए हारिस बेंगलुरु की शांतिनगर विधानसभा सीट से विधायक हैं।

धन शोधन का यह मामला कर्नाटक पुलिस की उन कुछ प्राथमिकियों और आरोपपत्रों से जुड़ा है जो कथित हैकर श्रीकी एवं उसके सहयोगियों द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट हैक करने और बिटकॉइन चुराने के मामले में 2017 में दायर किए गए थे।

अधिकारियों के अनुसार, मोहम्मद हारिस नलापद, उमर फारूक नलापद और अकीब खान पर क्रिप्टो से जुड़े अपराध से अर्जित धन के लाभार्थी होने का आरोप है।

मोहम्मद हारिस नलापद और उमर फारूक नलापद से इस मामले में कर्नाटक पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूछताछ की थी। कर्नाटक युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद हारिस नलापद ने उस समय संवाददाताओं से कहा था कि उन्होंने एवं उनके भाई ने कुछ भी गलत नहीं किया है और न ही कभी कोई अवैध धन प्राप्त किया है।

नलापद अहमद हारिस उर्फ एन ए हारिस (59) चार बार के विधायक हैं। वह 2008 में विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे और तब से शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

राज्य पुलिस ने श्रीकृष्ण रमेश को इस जांच के तहत गिरफ्तार किया था।

कांग्रेस नेताओं ने 2021 में आरोप लगाया था कि उसने 10,000 करोड़ रुपये मूल्य के बिटकॉइन हैक किए और उन्होंने कर्नाटक में उस समय सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संभावित संलिप्तता की जांच की मांग की थी।

भाषा सिम्मी अविनाश

अविनाश