ऋत्विक घटक की आठ चर्चित फिल्मों को ‘4के’ संस्करण में परिवर्तित किया गया

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ऋत्विक घटक की आठ चर्चित फिल्मों को ‘4के’ संस्करण में परिवर्तित किया गया

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - June 3, 2026 / 08:07 PM IST

नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) प्रसिद्ध फिल्म निर्माता ऋत्विक घटक की ‘मेघे ढाका तारा’, ‘सुवर्णरेखा’ और ‘तितास एकटि नादिर नाम’ सहित आठ चर्चित फिल्मों को राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम- राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय (एनएफडीसी-एनएफएआई) द्वारा ‘4के’ संस्करण में सफलतापूर्वक परिवर्तित किया गया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्यरत एनएफडीसी-एनएफएआई ने घटक की जन्म शताब्दी के मौके पर लंदन के प्रतिष्ठित बीएफआई साउथबैंक में पुरानी फिल्मों के प्रदर्शन के लिए ब्रिटिश फिल्म संस्थान (बीएफआई) के साथ साझेदारी की है।

एक विज्ञप्ति के मुताबिक ‘अजांत्रिक’, ‘बारी थेके पालिये’, ‘कोमल गांधार’, ‘नागरिक’ और ‘जुकती तक्को आर गप्पो’ फिल्मों को भी 4के संस्करण में परिवर्तित किया गया है।

राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन (एनएफएचएम) के तहत यह उपलब्धि हासिल की गई। सूचना प्रसारण मंत्रालय की अहम पहल एनएफएचएम राष्ट्र की दृश्य-श्रव्य विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित है।

विज्ञप्ति के मुताबिक दशकों से एनएफडीसी-एनएफएआई द्वारा संरक्षित प्रिंट और पश्चिम बंगाल राज्य फिल्म संग्रहालय के संसाधनों का उपयोग कर इन फिल्मों का ‘4के’ संस्करण तैयार किया गया।

विज्ञप्ति के मुताबिक इस दौरान राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता छायाकार अविक मुखोपाध्याय की अहम भूमिका रही।

मुखोपाध्याय ने कहा,‘‘घटक की फिल्मों के प्रिंट का उन्नयन करने की प्रक्रिया का हिस्सा बनकर मैं बेहद गौरवान्वित और रोमांचित हूं, क्योंकि वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे मौलिक फिल्म निर्माताओं में से एक थे। एक छायाकार के रूप में, इसने मुझे उनकी खूबसूरत कला को करीब से देखने का अवसर प्रदान किया।’’

लंदन में आयोजित प्रदर्शनी में घटक की एफटीआईआई की लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी, जिनमें ‘फियर’, ‘रेंडेज़वस’ और ‘नागरिक संरक्षण/सिविल डिफेंस’ शामिल हैं।

इसके अलावा प्रदर्शनी में ‘आदिवासियों का जीवन’, ‘बिहार के दर्शनीय स्थान’, ‘कल के वैज्ञानिक’, ‘ये क्यों’, ‘माई लेनिन’, ‘पुरुलियार छाऊ’, और ‘दरबार गति पद्मा’ जैसी लघु फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी। घटक की अधूरी कृति ‘रामकिंकर बैज’; उनकी लिखित फ़िल्में ‘मुसाफिर’ और ‘हीरर प्रजापति’ के साथ-साथ ‘चिन्नामुल’ भी प्रदर्शनी का हिस्सा है, जिनमें घटक ने अभिनय किया था।

घटक को सर्वकालिक महान फिल्म निर्माताओं में से एक माना जाता है। उनका निधन 1976 में 50 वर्ष की आयु में हुआ था।

उन्हें सत्यजीत रे, तपन सिन्हा और मृणाल सेन के साथ बंगाल के चार महान फिल्म निर्माताओं में से एक माना जाता है।

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश