नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रविवार को बताया कि उसने अंतरराज्यीय निवेश धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है जिसे कंबोडिया से एक आरोपी संचालित कर रहा था।
पुलिस ने तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में छापों के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया और दावा किया कि उसने केवल 14 दिनों में चार करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न खातों के जरिए भेजे जाने का पता लगाया है।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने बताया कि वसंत कुंज की 42 वर्षीय महिला से भारी मुनाफे वाले शेयर में निवेश के नाम पर ठगी के बाद गिरफ्तारियां की गईं।
डीसीपी ने बताया, ‘‘पीड़ितों से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सऐप नंबर कंबोडिया से संचालित किए जा रहे थे, जबकि भारतीय सहयोगी कमीशन के आधार पर धोखाधड़ी वाले खाते खोलने और संचालित करने में मदद कर रहे थे।’’
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान वी. सुनील कुमार (43), सकीनाला शंकर (61), मनोज यादव (38), संदीप सिंह (30), आदित्य प्रताप सिंह (23), राहुल (30), शेरू (38) और सोमपाल (34) के रूप में हुई है।
डीसीपी ने बताया, ‘‘हमने आरोपियों के पास से 10 महंगे मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आपराध के आय को रखने के लिए बैंक खाते संचालित करने, ठगी का पैसा भेजने और विदेश में आकाओं से बात करने के लिए किया जाता था।’’
पुलिस के मुताबिक, पिछले साल सात नवंबर को एक ई-प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जब शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए शेयर बाजार में उच्च लाभ दिलाने के साथ-साथ विशेषज्ञ सलाह देने का प्रलोभन दिया गया था।
एमबीए कर चुका सोमपाल पहले एक सॉफ्टवेयर कंपनी संचालित करता था। उसने कथित तौर पर अपना कारोबार बंद होने के बाद बड़ी संख्या में लेन- देन के लिए अपना कॉर्पोरेट अकाउंट दिया। पुलिस ने बताया कि अकेले उसके खाते से साइबर अपराध की 51 शिकायतें जुड़ी थीं, जबकि कुल 63 शिकायतें इस नेटवर्क से जुड़ी पाई गईं।
भाषा आशीष धीरज
धीरज