निर्वाचन आयोग अपनी विश्वसनीयता खो रहा है: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा

निर्वाचन आयोग अपनी विश्वसनीयता खो रहा है: कांग्रेस नेता आनंद शर्मा

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 05:27 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 05:27 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने शनिवार को दावा किया कि निर्वाचन आयोग (ईसी) अपनी विश्वसनीयता और जनता का भरोसा खो रहा है। उन्होंने साथ ही कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से उठाये गये मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए।

शर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग को अपनी खोई हुई विश्वसनीयता को फिर से हासिल करने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में ‘‘सुधार’’ करना होगा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी गांधी के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘वोट चोरी एक राष्ट्र विरोधी कृत्य है’’ और निर्वाचन आयोग पर नागरिकों को गुमराह करने का आरोप लगाया था।

गांधी की यह टिप्पणी महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनावों में मार्कर पेन में इस्तेमाल की गई स्याही की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद के बाद आई है।

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने कहा है कि वह महानगरपालिका चुनावों में इस्तेमाल किये गये मार्कर पेन की स्याही की गुणवत्ता की गहन जांच करेगा, क्योंकि विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि मतदाता की उंगली पर लगे निशान को आसानी से मिटाया जा सकता है, जिससे फर्जी मतदान की आशंका है।

शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव मतदाताओं का विश्वास और भरोसा जगाने के लिए आवश्यक हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष और न्यायसंगत दिखना चाहिए। संवैधानिक दायित्व के तहत इसे सुनिश्चित करने वाला निर्वाचन आयोग अपनी विश्वसनीयता और लोगों का भरोसा खो रहा है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कई चुनाव वाले राज्यों में जारी प्रक्रिया और वैध मतदाताओं के बड़े पैमाने पर नाम हटाने और उन्हें परेशान करने से लक्षित मताधिकार से वंचित करने की गंभीर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ईवीएम में छेड़छाड़ और दुरुपयोग के मामले में अभी भी निर्णायक फैसला आना बाकी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए मुद्दों को इसी परिप्रेक्ष्य में देखना होगा और इनका समाधान करना होगा। निर्वाचन आयोग को अपनी खोई हुई विश्वसनीयता को फिर से हासिल करने के लिए सुधार करना होगा।’’

भाषा

देवेंद्र माधव

माधव