सामाजिक बुराइयां खत्म करना स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि : उपराष्ट्रपति नायडू

सामाजिक बुराइयां खत्म करना स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि : उपराष्ट्रपति नायडू

सामाजिक बुराइयां खत्म करना स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि : उपराष्ट्रपति नायडू
Modified Date: November 29, 2022 / 07:53 pm IST
Published Date: March 12, 2021 11:37 am IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारत को आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने के लिये गरीबी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, सामाजिक भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयां समाप्त करने का आह्वान करते हुए शुक्रवार को कहा कि ऐसा करना देश के स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

उपराष्ट्रपति ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ की शुरुआत पर अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘यह महोत्सव एक राष्ट्र के रूप में हमारी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है । यह उत्सव का अवसर है ।’’

उन्होंने कहा कि यह अवसर उस महान विरासत को याद करने का है जो महात्मा गांधी और अनगिनत स्वाधीनता सेनानी देश के लिए छोड़ गए हैं ।

वेंकैया नायडू ने कहा, ‘‘यह मौका उस नए भारत की दिशा में तेजी से बढ़ने का है जैसा हम सब चाहते हैं, जहां हर नागरिक, हर समुदाय अधिकार- संपन्न हो, हर किसी को अपनी क्षमता को सामने लाने का अवसर मिले।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों को सक्षम बनाने और उनके सशक्तिकरण के लिए सुशासन आवश्यक है। प्रशासन का एक ही मॉडल ऊपर से नीचे थोपे जाने के बजाय उसे विकेंद्रीकृत करके जन-केंद्रित बनाया गया है जिससे सभी की सम्मति और शिरकत सुनिश्चित की जा सके।

नायडू ने कहा, ‘‘ स्थानीय निकाय हमारे संघीय ढांचे में एक नया स्तर जोड़ते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को स्थानीय स्तर तक पहुंचा रहे हैं। आगे भी हमें इसी भाव से प्रयास करते रहना है और भारत को अधिक शक्तिशाली एवं समृद्ध देश बनाना है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत को आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनाने के साथ-साथ हमें सामाजिक एकता को बढ़ाने के लिए भी प्रयास करते रहना है तथा गरीबी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, सामाजिक एवं लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक बुराइयों से निजात दिलानी है। हमारे महान स्वाधीनता सेनानियों को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’’

उन्होंने कहा कि एक शक्तिशाली और समर्थ भारत बनाने के लिए आवश्यक है कि नागरिक, विशेषकर युवा स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं।

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ हम पुनः अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ें, सनातन मूल्यों को अपनाएं, पर्यावरण के प्रति जागरूक रहें तथा प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करें। यह हमारा दायित्व है कि भावी पीढ़ी के लिए हम एक हरी भरी पृथ्वी छोड़ कर जाएं।’’

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे छोटे मोटे मसलों पर जनता में फूट डालने और वैमनस्य पैदा करने वालों के खिलाफ संघर्ष में सबसे आगे खड़े रहने और उनके इरादे विफल करने का संकल्प लें ।

नायडू ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करें कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आहार उपलब्ध हो सके। हर क्षेत्र में आत्म निर्भर बनें । यह हमारे स्वाधीनता सेनानियों को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।’’

भाषा दीपक दीपक माधव

माधव


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