कोलकाता। Employees Bonus Latest News: मुबारक माह रमज़ान का सफर जारी है और रोजेदार पूरी श्रद्धा के साथ रोजे रख रहे हैं। 30 दिनों का रोजा रखने के बाद आखिरी में 31 मार्च को ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा। लेकिन इससे पहले सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान कर दिया है। सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है।
इस संबंध में ममता सरकार ने आदेश जारी भी किया है। आदेश के अनुसार, उन सभी कर्मचारियों को 6,800 रुपये का तदर्थ बोनस देने का फैसला किया है, जो किसी उत्पादकता से संबद्ध किसी बोनस प्रणाली के अंतर्गत नहीं आते हैं और जिनका मासिक वेतन मार्च में 44,000 रुपये से कम है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वित्त विभाग द्वारा मंगलवार को आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा गया कि मुस्लिम समुदाय के कर्मचारियों को इस महीने के अंत में होने वाले ईद-उल-फितर से पहले बोनस मिलेगा, जबकि अन्य को 15-19 सितंबर की अवधि में बोनस मिलेगा।। अधिकारी ने बताया कि पेंशनभोगियों को 3,500 रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी।
उन्होंने वित्त विभाग के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मार्च में 52,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों के लिए अधिकतम 20,000 रुपये तक का ब्याज मुक्त अग्रिम स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने कर्मचारियों को कितना बोनस देने का फैसला किया है?
पश्चिम बंगाल सरकार ने उन कर्मचारियों को 6,800 रुपये का तदर्थ बोनस देने का निर्णय लिया है जिनका मासिक वेतन मार्च में 44,000 रुपये से कम है और जो किसी उत्पादकता से संबंधित बोनस प्रणाली के अंतर्गत नहीं आते हैं।
बोनस कर्मचारियों को कब मिलेगा?
मुस्लिम समुदाय के कर्मचारियों को ईद-उल-फितर से पहले बोनस मिलेगा, जबकि अन्य कर्मचारियों को 15-19 सितंबर के बीच बोनस मिलेगा।
पेंशनभोगियों को कितनी राशि मिलेगी?
पेंशनभोगियों को 3,500 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
मार्च में 52,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को क्या लाभ मिलेगा?
मार्च में 52,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को राज्य सरकार द्वारा अधिकतम 20,000 रुपये तक का ब्याज मुक्त अग्रिम स्वीकृत किया गया है।
यह बोनस किस प्रकार के कर्मचारियों के लिए है?
यह बोनस उन कर्मचारियों के लिए है जो किसी उत्पादकता से संबंधित बोनस प्रणाली के अंतर्गत नहीं आते और जिनका मासिक वेतन 44,000 रुपये से कम है।