मैसुरू (कर्नाटक), 11 सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने अतीत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में जाने का प्रयास करने संबंधी दावों को सोमवार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी “लाश” भी भाजपा में नहीं जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सांप्रदायिक ताकतों से लड़ाई लड़ी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह भाजपा नेताओं से मिल सकते हैं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उन्होंने अपनी विचारधारा कुर्बान कर दी।
सिद्धरमैया ने जनता दल सेक्युलर (जदएस) के नेता एच.डी. कुमारस्वामी के बयान पर यह टिप्पणी की, जिन्होंने कहा था कि सिद्धरमैया ने अतीत में भाजपा में शामिल होने की योजना बनाई थी और इस संबंध में वह भगवा पार्टी के नेताओं से मिले थे।
सिद्धरमैया ने यहां पत्रकारों से कहा, “क्या किसी के लिए इसकी कल्पना करना संभव है? मेरा राजनीतिक जीवन ही धर्मनिरपेक्षता के लिए रहा है और मैं हमेशा सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ता रहा हूं।”
उन्होंने कहा, “मैं नेताओं से मिल सकता हूं… मैं आडवाणी (भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी) से मिला हूं, हाल ही में मैं अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) से भी मिला था… मेरी लाश भी भाजपा में नहीं जाएगी। सोशलिस्ट पार्टी के समय से ही मेरी राजनीति सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ रही है।”
भाषा जोहेब प्रशांत
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