कोलकाता, 18 जून (भाषा) अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी से जुड़े वर्ष 2025 के एक कार्यक्रम में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में विधाननगर पुलिस ने बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास से तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पिछले दो समन की अनदेखी करने और तीसरे के अनुपालन में देरी के बाद विश्वास सुबह 9.55 बजे विधाननगर दक्षिण पुलिस थाने पहुंचे। उनकी पेशी कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद हुई थी जिसमें उन्हें पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से सशर्त छूट दी गई थी।
तृणमूल नेता को दोपहर करीब 1.15 बजे उस वाहन में पुलिस थाना परिसर से बाहर निकलते देखा गया जिसके शीशे काले थे।
विधाननगर पुलिस आयुक्तालय के सूत्रों ने बताया कि विश्वास को 22 जून को जांचकर्ताओं के सामने फिर से पेश होने के लिए कहा गया है, जिस दौरान उन्हें मामले से संबंधित प्रासंगिक दस्तावेज ले जाने का निर्देश दिया गया।
यह मामला कार्यक्रम आयोजक शतद्रु दत्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। दत्ता ने विश्वास पर पिछले साल 13 दिसंबर को साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित हाई-प्रोफाइल फुटबॉल कार्यक्रम के संबंध में टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने देने जैसी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप लगाए हैं। इस कार्यक्रम में मेस्सी भी शामिल हुए थे।
यह कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया था, जब दर्शकों के एक वर्ग ने कथित तौर पर स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की थी। उनका आरोप था कि हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद वे लियोनेल मेस्सी की एक झलक तक नहीं देख सके, क्योंकि मैदान पर प्रभावशाली लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर रखा था।
विश्वास के खिलाफ 17 मई को धोखाधड़ी, जबरन वसूली और आपराधिक धमकी सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के विभिन्न प्रावधानों के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दत्ता को कार्यक्रम में हुए कुप्रबंधन और स्टेडियम में मचे उपद्रव के बाद गिरफ्तार किया गया था और उन्होंने 37 दिन जेल में बिताए। उन्होंने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के लगभग 22,000 की काला बाजारी की गयी थी।
उन्होंने दावा किया कि विश्वास ने कार्यक्रम पर अनुचित प्रभाव डालने के लिए खेल मंत्री के रूप में अपने पद का दुरूपयोग किया और मैदान में प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
अरूप विश्वास ने किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल होने से इनकार किया है और कहा है कि कार्यक्रम के वित्तीय मामलों से उनका कोई संबंध नहीं था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पहले उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए दंडात्मक कार्रवाई से सशर्त सुरक्षा प्रदान की थी।
पांच जून को पूर्व मंत्री ने विधाननगर दक्षिण पुलिस थाने को पत्र लिखकर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए पेश होने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा था।
इस बीच, मेस्सी के भारत दौरे के आयोजक दत्तर ने बुधवार को दावा किया कि फुटबॉल के दिग्गज की संवाद टीम ने पुलिस को पत्र लिखकर इस घटना के लिए विश्वास को जिम्मेदार ठहराया है।
पत्र में कथित तौर पर दत्ता को कुप्रबंधन के आरोपों से बरी किया गया, जिसके लिए उन्हें तृणमूल सरकार के शासनकाल के दौरान गिरफ्तार किया गया था और जेल में डाल दिया गया था।
हालांकि, विधाननगर पुलिस ने इस पत्र को लेकर चुप्पी साध रखी है।
भाषा तान्या माधव
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