आबकारी नीति: अदालत से केजरीवाल व अन्य को ईडी की याचिका पर जवाब देने का अंतिम अवसर

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आबकारी नीति: अदालत से केजरीवाल व अन्य को ईडी की याचिका पर जवाब देने का अंतिम अवसर

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  • Publish Date - April 2, 2026 / 04:15 PM IST,
    Updated On - April 2, 2026 / 04:15 PM IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य को अंतिम अवसर देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है, जिसमें निचली अदालत द्वारा आबकारी नीति मामले में उन्हें आरोपमुक्त करते समय एजेंसी के खिलाफ की गई “अनावश्यक” टिप्पणियों को हटाने का अनुरोध किया गया है।

यह देखते हुए कि पिछली सुनवाई के दौरान समय लेने के बावजूद एक को छोड़कर किसी भी प्रतिवादी ने अपना जवाब दाखिल नहीं किया, न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने कहा कि अदालत इस मामले में 22 अप्रैल को दलीलें सुनेगी।

न्यायाधीश ने कहा, “जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया जाता है। ऐसा न करने पर जवाब दाखिल करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा। अगली सुनवाई की तारीख पर दलीलें सुनी जाएंगी। मामले को 22 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।”

ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि विनोद चौहान को छोड़कर अन्य प्रतिवादियों ने याचिका पर जवाब दाखिल नहीं किया है।

इससे पहले 19 मार्च को अदालत ने केजरीवाल और अन्य प्रतिवादियों को ईडी की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए दो अप्रैल तक का समय दिया था।

ईडी के वकील ने उस समय कहा था कि जवाब दाखिल करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि याचिका में चुनौती केवल निचली अदालत के न्यायाधीश द्वारा एजेंसी के खिलाफ की गई टिप्पणियों तक सीमित है, जिसका प्रतिवादियों की आरोप मुक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

याचिका में ईडी ने कहा कि मूल रूप से सीबीआई द्वारा दर्ज आबकारी मामले में निचली अदालत की टिप्पणियां पूरी तरह गैर जरूरी थीं। याचिका में कहा गया है कि ईडी न तो उन कार्यवाहियों में पक्षकार थी और न ही उसका पक्ष सुने जाने का कोई अवसर दिया गया।

ईडी की याचिका में कहा गया है, “यदि इस तरह की आधारहीन टिप्पणियों को बरकरार रहने दिया जाता है, तो इससे आम जनता के साथ-साथ याचिकाकर्ता (ईडी) को भी गंभीर व अपूरणीय क्षति पहुंचेगी।”

उल्लेखनीय है कि निचली अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोप मुक्त करते समय सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से विफल रहा और पूरी तरह से निराधार साबित हुआ।

भाषा

जोहेब पवनेश

पवनेश

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