चंडीगढ़, 28 अप्रैल (भाषा) खालिस्तान समर्थक आतंकी मॉड्यूल ने पटियाला के शंभू इलाके के पास एक मालगाड़ी कॉरिडोर की पटरी पर देर रात विस्फोट किया और इस दौरान मॉड्यूल का एक सदस्य भी मारा गया। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मॉड्यूल के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट सोमवार रात शंभू-अंबाला रेलवे पटरी के पास हुआ। उन्होंने बताया कि शुरू में इसे कम तीव्रता का विस्फोट माना गया था लेकिन बाद में जांच से पता चला कि यह पटरी को विस्फोट से उड़ाने की साजिश थी।
पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट बोथोनिया गांव के पास सोमवार रात मालगाड़ियों के लिए निर्धारित पटरी पर हुआ।
विस्फोट के कारण पटरी को भी कुछ नुकसान पहुंचा और रेल लाइन के नीचे एक छोटा सा गड्ढा बन गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि तीन महीने में यह इस तरह की दूसरी घटना है। उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच किए जाने की संभावना है।
पुलिस को घटनास्थल पर एक अज्ञात शव मिला, जो विस्फोट के कारण क्षत-विक्षत हो गया था। शव के कुछ हिस्से रेलवे पटरी पर बिखरे हुए थे।
पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वरुण शर्मा ने बताया कि सोमवार रात पटरी को उड़ाने का प्रयास कर रहे व्यक्ति की विस्फोट में मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक संदिग्ध की पहचान तरन तारन जिले के पंजवार गांव निवासी जगरूप सिंह के रूप में की।
विस्फोट स्थल का दौरा करने वाली विशेष पुलिस महानिदेशक (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध को अमृतसर में अपनी मोटरसाइकिल खड़ी करते हुए देखा जा सकता है।
पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप चहल ने बताया कि चार लोगों प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह, सतनाम सिंह और गुरप्रीत सिंह को इस संबंध में गिरफ्तार किया गया है। प्रदीप और कुलविंदर मानसा के रहने वाले हैं जबकि सतनाम और गुरप्रीत तरन तारन के निवासी हैं।
प्रदीप खालसा को इस मॉड्यूल का मुख्य सरगना माना गया, क्योंकि उसके मलेशिया स्थित खालिस्तान समर्थक संचालकों से घनिष्ठ संबंध थे। डीआईजी ने बताया कि वह कट्टरपंथी युवाओं को आतंकी प्रशिक्षण के लिए मलेशिया भेजता था और उन्हें आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कार्य सौंपता था।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदीप ‘चलदा वहीर चक्रवर्ती, अटारीये’ नामक एक कट्टरपंथी संगठन भी चला रहा था।
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने उनके कब्जे से एक हथगोला, दो पिस्तौल, गोला-बारूद, भविष्य में विस्फोट करने के इरादे से बनाए गए अन्य अत्याधुनिक संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए हैं।
घटनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए द्विवेदी ने कहा कि विस्फोट के समय एक मालगाड़ी गुजर रही थी, तभी ‘लोको पायलट’ ने कुछ असामान्य महसूस किया और अधिकारियों को सतर्क कर दिया।
अधिकारी ने “देश की प्रगति के खिलाफ कुछ असामाजिक तत्वों” का जिक्र करते हुए कहा कि माल ढुलाई गलियारे को निशाना बनाने का यह दूसरा प्रयास है।
घटना की एनआईए जांच के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विशेष विशेष पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कहा कि यह इस तरह की दूसरी घटना है, इसलिए एनआईए जांच की पूरी संभावना है।
उन्होंने इलाके में सीसीटीवी कवरेज की कमी को भी उजागर किया और गलियारे में नियमित दूरी पर कैमरे लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस बीच एसएसपी वरूण शर्मा ने कहा, ‘‘देर रात हमें शंभू-हरियाणा सीमा के पास रेल पटरी पर कम तीव्रता वाले विस्फोट की सूचना मिली। मैं इसके तुरंत बाद पुलिस उप महानिरीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचा। हमने पाया कि यह कम तीव्रता वाला विस्फोट नहीं था बल्कि पटरी को उड़ाने की कोशिश थी।”
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक सिम कार्ड मिला है।
शर्मा ने कहा, “घटनास्थल से मिले सिम कार्ड समेत वैज्ञानिक साक्ष्य प्राप्त करने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा मामला जल्द ही सुलझ जाएगा।
एसएसपी ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां जांच में शामिल हैं।
विस्फोट के बाद, एक फोरेंसिक टीम, बम रोधक दस्ता और अन्य एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंचीं।
राजकीय रेलवे पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि रेलवे पटरी पर मरम्मत का काम पूरा हो गया है और रेल यातायात बहाल कर दिया गया है।
इससे पहले जनवरी में फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में रेल पटरी पर हुए विस्फोट में एक इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और एक लोको पायलट घायल हो गया था।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश