(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) मध्य दिल्ली के डीडीयू मार्ग स्थित काली माता मंदिर के पास शनिवार को सफाई अभियान के दौरान लकड़ी के एक बक्से में मिले कंकाल की फोरेंसिक जांच से पुष्टि हुई कि यह नकली हड्डियों से बना था, न कि इंसानी अवशेषों से। पुलिस ने यह जानकारी दी।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सफाई अभियान के दौरान पुलिस को कंकाल जैसी संदिग्ध चीज के बारे में सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, जहां उन्हें लकड़ी का एक बक्सा मिला, जिसमें पुराना कंकाल रखा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, बक्से के ऊपर या उसके आसपास खून के धब्बे या कोई अन्य संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह सामग्री माता सुंदरी रोड स्थित राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से अन्य पुराने और टूटे सामानों के साथ कबाड़ के रूप में खरीदी गई थी।
पुलिस ने बताया कि स्कूल के प्रधानाचार्य ने जानकारी दी कि संस्थान 2023 में नए भवन में स्थानांतरित हो गया था और जुलाई 2026 में पुराने भवन के सामानों को सफाई अभियान के दौरान कबाड़ के रूप में हटा दिया गया था।
पुलिस ने बताया कि फॉरेंसिक और अपराध जांच टीमों ने मौके पर इसकी जांच की। उसने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ के प्रारंभिक आकलन में पाया गया कि यह ढांचा कृत्रिम हड्डियों से बना था और मानव कंकाल के अवशेष नहीं थे।
पुलिस ने कहा कि इस ढांचे का इस्तेमाल शैक्षणिक या अध्ययन संबंधी उद्देश्यों के लिए (जिसमें स्कूल की प्रयोगशाला भी शामिल हो सकती है) किया गया होगा।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत