फारूक पर हमला: उमर ने अपने पिता से मुलाकात की, नेताओं ने मामले की जांच की मांग की

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फारूक पर हमला: उमर ने अपने पिता से मुलाकात की, नेताओं ने मामले की जांच की मांग की

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 01:48 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 01:48 PM IST

जम्मू, 12 मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने पिता एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले के कुछ घंटों बाद बृहस्पतिवार सुबह उनसे मुलाकात की।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष अब्दुल्ला बुधवार रात को जम्मू के बाहरी इलाके ग्रेटर कैलाश में एक विवाह समारोह से निकलते समय उस वक्त बाल-बाल बच गए जब एक व्यक्ति ने कथित तौर पर उन पर पीछे से गोली चला दी।

पूर्व मुख्यमंत्री के बठिंडी स्थित आवास पर अन्य दलों के नेता भी उनका हालचाल जानने पहुंचे और घटना की गहन जांच किए जाने की मांग की।

मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली से जम्मू पहुंचने के बाद सीधे फारूक के आवास गए और अपने पिता के साथ करीब एक घंटा रहे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस के नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित कई अन्य लोग भी उनसे मिलने पहुंचे।

उमर के बेटे जमीर और जहीर भी अपने दादा से मिलने श्रीनगर से बठिंडी पहुंचे।

फारूक अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में स्पष्ट नजर आ रहा है कि आरोपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष की ओर स्पष्ट रूप से बंदूक तानी।

उन्होंने इस तरह की अटकलों को खारिज कर दिया कि गोलीबारी जश्न में की गई थी।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों की समय रहते की गई कार्रवाई से एक त्रासदी टल गई। उन्होंने घटना की गहन जांच की मांग की।

चौधरी ने कहा कि जिस नेता को इतनी कड़ी सुरक्षा प्रदान की गई है, उस पर हमला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ा करता है।

मंत्री सकीना इटू और जावेद डार के अलावा पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी फारूक से मिलने पहुंचे। उन्होंने इस घटना की निंदा की और इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।

भाजपा विधायक विक्रम रंधावा भी अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे और उन्होंने इस घटना को ‘‘निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू में इस तरह की घटनाओं की कोई जगह नहीं है। आतंकवाद के चरम पर होने के दौर में भी जम्मू ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखा।’’

आरोपी के परस्पर विरोधी बयानों का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि हमले के पीछे का मकसद अब भी स्पष्ट नहीं है।

भाजपा विधायक ने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि वह किस तरह की रंजिश मन में लिए हुए था और उसके मन में क्या चल रहा था या उसने ऐसा क्यों किया। एजेंसियों को इसकी जांच करनी चाहिए और उससे पूछताछ करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘वह खुद कह रहा है कि वह 20 साल से (उन पर हमला करने के) मौके की तलाश में था… यह स्पष्ट रूप से जांच का विषय है और एजेंसियों को इसकी पड़ताल करनी चाहिए।’’

कांग्रेस के कई नेता भी अब्दुल्ला का हालचाल जानने पहुंचे।

कांग्रेस महासचिव एवं कांग्रेस विधायक दल के नेता गुलाम अहमद मीर ने भी इस घटना की निंदा की और मामले की जांच किए जाने की मांग की।

इस बीच, जम्मू के पुरानी मंडी निवासी आरोपी कमल सिंह जामवाल ने पुलिस को कथित रूप से बताया कि वह पिछले 20 वर्ष से अब्दुल्ला को निशाना बनाने की ताक में था।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस हमले से पहले उसकी गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की घटना का मकसद क्या था, इसका पता लगाने के लिए वह 63 वर्षीय जामवाल के निजी, सामाजिक और संभावित संगठनात्मक संबंधों सहित उसकी पृष्ठभूमि की जांच कर रही है।

भाषा

सिम्मी वैभव

वैभव