एलआईसी से 2,684 करोड़ रुपये की ‘धोखाधड़ी’ को लेकर रिलायंस कैपिटल, अनिल अंबानी पर प्राथमिकी

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एलआईसी से 2,684 करोड़ रुपये की ‘धोखाधड़ी’ को लेकर रिलायंस कैपिटल, अनिल अंबानी पर प्राथमिकी

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  • Publish Date - September 18, 2026 / 10:36 PM IST,
    Updated On - September 18, 2026 / 10:36 PM IST

नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कैपिटल लिमिटेड (आरसीएपी), इसके पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी, पूर्व समूह प्रबंध निदेशक सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निवेश से जुड़े 2,684.57 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में एक मामला दर्ज किया है।

हालांकि, अंबानी के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी रिलायंस कैपिटल लिमिटेड से संबंधित है। अंबानी 2005 से नवंबर 2021 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के बोर्ड में गैर कार्यकारी निदेशक/चेयरमैन रहे। नवंबर 2021 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कंपनी के निदेशक मंडल को हटाकर एक प्रशासक नियुक्त कर दिया था।’’

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अंबानी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और कानून के तहत उन्हें मिले सभी अधिकारों को वह सुरक्षित रखते हैं।’’

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एलआईसी से मिली लिखित शिकायत के आधार पर आरसीएपी, अनिल अंबानी, सतीश सेठ, अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

सीबीआई के अनुसार, एलआईसी का आरोप है कि 12 अप्रैल 2012 से 9 मार्च 2018 के बीच, उसने आरसीएपी द्वारा जारी किए गए पांच अपरिवर्तनीय ‘डिबेंचर’ खरीदे थे, जिनकी कुल कीमत 3,900 करोड़ रुपये थी।

बयान में कहा गया है कि ये निवेश ‘‘सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों, निधि की जरूरतों और मौजूदा कर्ज को फिर से वित्तपोषित करने’’ के लिए किए गए थे।

एलआईसी का आरोप है कि आरोपी व्यक्तियों ने ‘‘आपराधिक साज़िश रची’’ और कई अपराध किए, जिनमें ‘‘धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक कदाचार, निधि का गलत इस्तेमाल/गबन और खातों में हेराफेरी’’ शामिल हैं।

सीबीआई ने कहा कि एलआईसी का आरोप है कि आरोपियों ने ‘‘गलत जानकारी’’ देकर उसे कंपनी में निवेश करने के लिए छल से राजी किया और उसके बाद ‘‘धोखाधड़ी से उक्त निधि को अन्य खातों में भेज दिया।’’

बयान में कहा गया है कि इन कथित कृत्यों की वजह से ‘‘एलआईसी को 2,684.57 करोड़ रुपये का नुकसान’’ हुआ और आरोपियों व अन्य लाभार्थियों को गलत फायदा पहुंचा।

सीबीआई ने बताया कि उसने पहले कई सरकारी बैंकों, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और एलआईसी से मिली शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ़ आठ प्राथमिकी दर्ज की थीं।

एजेंसी ने बताया कि इन मामलों में अब तक छह आरोपपत्र दाखिल किये जा चुके हैं और सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

बयान में कहा गया है कि मामलों की जांच चल रही है और उच्चतम न्यायालय इनकी निगरानी कर रहा है।

भाषा सुभाष माधव

माधव