फरीदाबाद, 28 फरवरी (भाषा) फरीदाबाद पुलिस ने शनिवार को पूर्व विधायक चंदर भाटिया और बड़खल के पूर्व तहसीलदार सहित पांच लोगों के खिलाफ एनआईटी-एक में एक घर के दोहरे पंजीकरण से जुड़े संपत्ति धोखाधड़ी में संलिप्तता के आरोप में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईडब्ल्यूओ) की सिफारिश के बाद कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सेक्टर 16 निवासी और भारतीय वायु सेना के कर्मचारी रोहित अरोड़ा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्हें जून 2024 में सतबीर भड़ाना और लोकेश कुमार ने मनोज सतीजा नामक मध्यस्थ के माध्यम से एनआईटी-एक के एच ब्लॉक में एक मकान दिखाया था। मकान मालिक काजल वर्मा के साथ 50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। अरोड़ा का दावा है कि उन्होंने छह जून 2024 को 10 लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये का चेक बयाना राशि के रूप में दिया था। इसके बाद 13 जून 2024 को संपत्ति उनके नाम पर पंजीकृत कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने बताया कि पंजीकरण के समय उसने 10 लाख रुपये नकद और 25 लाख रुपये चेक से दिए थे। हालांकि, आरोपी ने कथित तौर पर 20 नवंबर 2024 को उसी संपत्ति का दूसरा पंजीकरण सोनम तलवार के नाम पर करा दिया।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने इस मामले में काजल वर्मा, लोकेश कुमार, सतबीर भड़ाना, बड़खल के तत्कालीन तहसीलदार और चंदर भाटिया को आरोपी बनाया है।
पुलिस ने बताया कि अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक ने संपत्ति आईडी में छेड़छाड़ करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया और पंजीकरण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने यह भी बताया कि अरोड़ा ने दावा किया कि तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध है क्योंकि एक ही भूखंड के लिए दो पंजीकरण की अनुमति दी गई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच के आधार पर पूर्व विधायक समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि जांच जारी है।
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शुभम प्रशांत
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