नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के दौरान ‘संदिग्ध’ पाए गए 60 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम न्यायिक अधिकारियों को अधिनिर्णयन हेतु सौंप दिए गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी।
अधिकारियों ने बताया कि इन नामों को अब केवल पूरक मतदाता सूची के माध्यम से ही शामिल किया जा सकता है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा की अधीनस्थ अदालतों के 530 न्यायिक अधिकारियों को पूरक मतदाता सूची (एसआईआर) प्रक्रिया से संबंधित सुनवाई करने के लिए तैनात किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शनिवार को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान हटाए गए और जोड़े गए नामों के बाद, राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.04 करोड़ से अधिक है।
पश्चिम बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना को देखते हुए, यह अनिश्चित है कि इनमें से कितने ‘‘संदिग्ध’’ मतदाता चुनाव में अपना वोट डाल पाएंगे।
निर्वाचन आयोग ने 27 अक्टूबर, 2025 को पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण की घोषणा की थी।
भाषा अमित पवनेश
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