बेंगलुरु में पांच विचाराधीन कैदियों ने वार्डन पर किया हमला, गला घोंटने का प्रयास

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बेंगलुरु में पांच विचाराधीन कैदियों ने वार्डन पर किया हमला, गला घोंटने का प्रयास

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  • Publish Date - September 5, 2026 / 03:02 PM IST,
    Updated On - September 5, 2026 / 03:02 PM IST

बेंगलुरु, पांच सितंबर (भाषा) बेंगलुरु में परप्पन अग्रहारा केंद्रीय कारागार में वार्डन पर पांच विचाराधीन कैदियों द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने और उनका गला घोंटने के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि ये पांचों विचाराधीन कैदी बजरंग दल के पूर्व कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं।

उसने बताया कि जेल नियमों को लेकर हुए पुराने विवाद के बाद दो सितंबर को वार्डन मंजूनाथ हावेली पर कथित हमला हुआ।

पुलिस के अनुसार हावेली ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित बैठक के लिए दो सितंबर को पूर्वाह्न 10 बजकर पांच मिनट पर एक कैदी के बारे में जानकारी एकत्र करने जेल के ‘खंड-एक’ गए थे, तभी एक आरोपी मोहम्मद मुशामिर ने कथित तौर पर उनसे गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

मुशामिर ने हावेली के चेहरे पर कथित तौर पर हमला किया। इस दौरान वहां पहुंचे चार अन्य विचाराधीन कैदी- अब्दुल शफगान, मोहम्मद रिजवान, नियाज तथा कलंदर शफी वार्डन को घसीटकर एक कमरे में ले गए और उनका गला घोंटने का प्रयास किया।

जेल कर्मचारियों ने हावेली को बचाया। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने हत्या के प्रयास और हमला सहित विभिन्न आरोपों में पांचों कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि मुशामिर को सुरक्षा अनुभाग से ‘खंड-एक’ स्थानांतरित किया गया था और जेल के भीतर अतिरिक्त सामान ले जाने से रोके जाने के कारण वह हावेली से रंजिश रखे हुए था।

पुलिस ने कहा कि अदालत से अनुमति मिलने के बाद पांचों आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने इस घटना के संबंध में कलबुर्गी में संवाददाताओं से कहा कि वह विवरण मांगेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरी जानकारी नहीं मिली है। हम पता लगाएंगे कि ऐसा क्यों हुआ और वास्तव में क्या हुआ।’’

प्रियंक ने कहा कि कुछ कैदियों में मानसिक और व्यवहार संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि जेल विभाग नियमित रूप से परामर्श प्रदान करता है और हिंसक व्यवहार को नियंत्रित करने के उपाय करता है।

मंत्री ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर हितेंद्र की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में जेल सुधारों से जुड़े कई मुद्दों को हल किया गया है, जिनमें निगरानी, कैदियों की मानसिक स्थिति के आधार पर उनकी ग्रेडिंग और उन्हें कहां रखा जाना चाहिए, इसका निर्णय शामिल है।

उन्होंने कुछ कैदियों को मादक पदार्थों की लत का भी जिक्र किया।

प्रियंक ने कहा, ‘‘हमने ऐसे कई मामले देखे हैं। यदि उन्हें उनकी लत को पूरा करने के लिए मादक पदार्थ नहीं मिलता तो वे इस तरह का व्यवहार करने लगते हैं। यह हिंसक भले न हो, लेकिन वे खुद को नुकसान पहुंचाते हैं।’’

उन्होंने कहा कि वार्डन पर हाल में हुए हमले के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी। हालांकि उन्होंने व्यापक जेल सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं, खासकर परप्पन अग्रहारा में जहां करीब 4,500 कैदी हैं।’’

प्रियंक ने बताया कि समिति ने तेलंगाना, तमिलनाडु और तिहाड़ सहित अन्य जगहों की जेलों का दौरा किया था। उन्होंने यह भी कहा कि सिफारिशों पर निर्णय लेने से पहले अगले महीने उनकी स्वयं एक या दो सुधार गृहों का दौरा करने की योजना है।

भाषा खारी अविनाश

अविनाश