(माणिक गुप्ता)
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) अपने प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री में ‘किंग खान’ के नाम से मशहूर शाहरुख खान की अगली फिल्म का नाम भी संयोगवश ‘किंग’ है। हालांकि, शाहरुख खान इस उपाधि को लेकर कहते हैं कि यह उनके लिए पहचान से ज्यादा ‘दिल, विनम्रता और उद्देश्य के साथ जीने की याद दिलाने’ जैसा है।
खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को एक ई-मेल साक्षात्कार में कहा, “मेरे लिए ‘किंग’ शब्द का अर्थ कभी शक्ति नहीं रहा। इसका अर्थ हमेशा जिम्मेदारी रहा है– उन लोगों के प्रति जो मुझ पर विश्वास करते हैं और उन कहानियों के प्रति जिन्हें मैं सुनाना चाहता हूं…।”
उन्होंने कहा, ‘‘जैसे-जैसे समय बीतता है, आपको एहसास होता है कि वास्तव में पदवी नहीं, बल्कि आपके काम के पीछे का इरादा मायने रखता है।’
खान ने डिज्नी क्रूज लाइन के नवीनतम जहाज, डिज्नी एडवेंचर पर होने वाले आतिशबाजी शो ‘द लायन किंग: सेलिब्रेशन इन द स्काई’ में अपनी आवाज दी है।
खान (60) ने कहा, ‘‘जीवन और करियर के इस पड़ाव पर, ‘किंग’ की उपाधि मुझे पहचान से कहीं अधिक, दिल से, विनम्रता से और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की याद दिलाती है। चाहे डिज्नी एडवेंचर पर कहानी सुनाना हो या अपनी अगली फिल्म का चयन करना, मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है ऐसा काम करना जो लोगों को एक साथ लाए, उन्हें कुछ महसूस कराए और थोड़ी सी खुशी छोड़ जाए।’’
खान ने डिज्नी की 2024 में आई फिल्म ‘मुफासा: द लायन किंग’ के हिंदी संस्करण में मुफासा को अपनी आवाज दी। उनके बेटों ने भी इसमें हिस्सा लिया- बड़े बेटे आर्यन (28) ने सिम्बा को और छोटे बेटे अबराम (12) ने युवा मुफासा को आवाज दी थी।
उनकी बेटी सुहाना (25), सिद्धार्थ आनंद की आगामी फिल्म ‘किंग’ में अपने पिता के साथ स्क्रीन साझा करती नजर आएंगी।
उन्होंने कहा, “हर पीढ़ी का अपना एक अलग जुड़ाव होता है, लेकिन जो चीज कभी नहीं बदलती वह यह है कि ये कहानियां हमें कैसे एक साथ लाती हैं। चाहे घर पर किसी क्लासिक फिल्म को दोबारा देखना हो या डिज्नी क्रूज या पार्क में किसी जादुई पल को साझा करना हो, जुड़ाव की वह भावना हमेशा एक जैसी रहती है।”
‘द लायन किंग’ पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म हमेशा उनके दिल के करीब रहेगी क्योंकि यह बड़े होने, जिम्मेदारी को समझने और दुनिया में अपनी जगह खोजने के बारे में एक कालातीत कहानी है।
भाषा आशीष रंजन
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