विदेशी शिक्षण संस्थान भारत की नवोन्मेष आधारित शिक्षा प्रणाली से जुड़े : शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान

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विदेशी शिक्षण संस्थान भारत की नवोन्मेष आधारित शिक्षा प्रणाली से जुड़े : शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 05:54 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 05:54 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों से भारत की तेजी से विकसित हो रही नवोन्मेष-आधारित शिक्षा प्रणाली के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अनिश्चितता एवं तीव्र परिवर्तन से भरी दुनिया में शिक्षा ही समाजों के बीच सबसे स्थायी सेतु है।

प्रधान ने ये टिप्पणियां शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘भारत में पढ़े शिक्षा-राजनय सम्मेलन 2026’ में अपने संबोधन में कीं। इस सम्मेलन में 50 से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त, राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधि और मंत्रालय के अधिकारी उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्रित हुए थे।

उन्होंने कहा, “भारत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक उज्ज्वल स्थान बना हुआ है, जो सीखने, अनुसंधान करने, नवाचार करने और उसे लागू करने के अपार अवसर प्रदान करता है। भारत की सबसे बड़ी ताकत इसका जीवंत ज्ञान तंत्र, जनसांख्यिकीय लाभांश और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। (नयी शिक्षा नीति) एनईपी-2020 और ‘स्टडी इन इंडिया’ पहल के माध्यम से, देश विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और संस्थानों के लिए वैश्विक मार्ग खोल रहा है।”

शिक्षा मंत्री ने कहा,‘‘कृत्रिम मेधा, जैव प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर से लेकर सतत ऊर्जा तक, भारत एक विश्वसनीय नवोन्मेष भागीदार के रूप में उभर रहा है, जो सहयोग, क्षमता निर्माण और साझा ज्ञान पर आधारित वैश्विक दक्षिण मॉडल को आगे बढ़ा रहा है।’’

प्रधान ने कहा कि अनिश्चितता और तीव्र परिवर्तन से भरी दुनिया में शिक्षा ही समाजों के बीच सबसे स्थायी सेतु है, ऐसे में भारत साझेदार देशों के साथ मजबूत ज्ञान सेतु बनाना चाहता है।

मंत्री ने प्रतिनिधियों से भारत की तेजी से विकसित हो रही, नवोन्मेष केंद्रित, बहुविषयक और सुलभ शिक्षा प्रणाली के साथ सहयोग करने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कहा कि पिछले छह वर्ष में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), 2020 ने भारत के उच्च शिक्षा सुधारों को स्पष्ट दिशा प्रदान की है, विशेष रूप से बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा देने, कौशल विकास को मुख्यधारा से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीयकरण को मजबूत करने के संदर्भ में।

भाषा राजकुमार माधव

माधव