कोहिमा, दो फरवरी (भाषा) नगालैंड के कोहिमा जिले की दक्षिणी जुकू घाटी में जंगल में लगी आग पर आठवें दिन सोमवार को काफी हद तक काबू पा लिया गया।
कोहिमा के उपायुक्त बी. हेनोक बुचेम ने बताया कि 26 जनवरी को लगी आग अब टेम्पफू पर्वत के नीचे और उसके आसपास के इलाकों तक सीमित है।
प्रशासन ने दावा किया कि मुख्य घाटी प्रभावित नहीं हुई है और वहां फिलहाल आग का खतरा नहीं है।
उपायुक्त ने कहा, ‘‘टेम्पफू पर्वत और मेराटा पर्वत के पास कुछ हिस्सों में आग फिर भड़कने की सूचना मिली है, जबकि हेलिपैड क्षेत्र के पास लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। आग लगने के पहले दिन से ही कई एजेंसी की मदद से आग बुझाने का अभियान जारी है। इस अभियान में 150 से अधिक कर्मी मदद कर रहे हैं।’’
अधिकारी ने बताया कि दुर्गम भू-भाग के कारण आग बुझाने की प्रक्रिया में अवरोध पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वायु सेना के दो हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं और दोनों ने शनिवार एवं रविवार को ‘बंबी बकेट’ के साथ तीन-तीन उड़ानें भरीं।’’
उन्होंने कहा कि सोमवार के लिए भी अतिरिक्त उड़ानें तय की गई हैं।
‘बंबी बकेट’ एक विशेष हवाई अग्निशमन उपकरण है जिसे केबल के जरिए हेलिकॉप्टर के नीचे लटकाया जाता है। इस हल्के और मोड़े जा सकने वाले कंटेनर के जरिए नीचे पानी गिराकर आग बुझाई जाती है।
एक जिला अधिकारी ने बताया कि हालांकि वैज्ञानिक आकलन अभी होना है, लेकिन शुरुआती अनुमान के अनुसार जुकू क्षेत्र का संभवत: एक-तिहाई हिस्सा प्रभावित हुआ है। उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘मुख्य जुकू घाटी प्रभावित नहीं हुई है।’’
जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, वन विभाग, अग्निशमन और आपात सेवाओं की कई टीम, दक्षिणी अंगामी युवा संगठन के प्रतिनिधि, होम गार्ड, ड्रोन संचालक और 13 असम राइफल्स के कर्मी अभियान में लगे हैं।
भाषा सिम्मी शोभना
शोभना