कोलकाता, 16 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी की मौत से उन्हें ‘गहरा सदमा’ लगा है। ममता ने आरोप लगाया कि जीवन के आखिरी दिनों में उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर झूठे आरोप लगाए गए और उन्हें भारी मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ा।
रविवार सुबह बीरभूम जिले के रामपुरहाट में उनके घर के पास स्थित टीएमसी के पार्टी कार्यालय में आशीष बनर्जी का शव फंदे से लटका पाया गया। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ममता ने कहा कि 74 वर्षीय आशीष बनर्जी ने अपना अधिकतर जीवन पढ़ाने और समाज की सेवा करने में बिताया था। उन्होंने कहा कि वह अपने विनम्र स्वभाव और रामपुरहाट व बीरभूम के लोगों के साथ अपने करीबी रिश्तों के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘इस दुखद घटना को और भी दर्दनाक बनाने वाली बात यह है कि उन्हें अपने जीवन के आखिरी दिनों में भारी मानसिक और भावनात्मक तनाव झेलना पड़ा।’’
ममता ने कहा कि पांच बार के विधायक और विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे आशीष बनर्जी ने खुद को रामपुरहाट के विकास के लिए समर्पित कर दिया था और लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन उनके द्वारा किए गए कामों के बावजूद, उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव डाला गया।’’
ममता ने कहा, ‘‘जनसेवा के लंबे रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें जिस तरह की प्रताड़ना और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, उसे देखते हुए हम सभी को रुककर लगातार जारी रहने वाली सियासी रंजिश की मानवीय कीमत के बारे में सोचना चाहिए।’’
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित सुसाइड नोट में कहा गया है कि उनकी मौत के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है और इसमें उन्होंने खुद के राजनीति में उतरने पर अफसोस जाहिर किया है।
‘पीटीआई-भाषा’ इस नोट की प्रमाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी।
ममता ने बनर्जी के परिवार, उनके प्रशंसकों और पूर्व छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कमी ‘हमेशा बहुत खलेगी’।
इस बीच, टीएमसी नेताओं ने उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कराने की मांग की।
पार्टी विधायक कुणाल घोष ने सवालिया लहजे में पूछा कि यह आत्महत्या का मामला था या हत्या का, जबकि पार्टी के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि बनर्जी को लगातार राजनीतिक रूप से बदनाम करने की मुहिम का सामना करना पड़ा।
हालांकि, भाजपा नेताओं ने राजनीतिक दबाव के आरोपों को खारिज कर दिया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बनर्जी की व्यक्तिगत छवि पर कभी सवाल नहीं उठाया गया और उनके सहयोगियों से जुड़े किसी भी आरोप को पूर्व मंत्री से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बनर्जी के परिवार में उनकी पत्नी और बेटा हैं।
भाषा संतोष दिलीप
दिलीप