एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजना के लिए हजारीबाग स्थित पूर्व मंत्री के घर को ध्वस्त किया गया

एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजना के लिए हजारीबाग स्थित पूर्व मंत्री के घर को ध्वस्त किया गया

एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजना के लिए हजारीबाग स्थित पूर्व मंत्री के घर को ध्वस्त किया गया
Modified Date: March 19, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: March 19, 2026 10:31 pm IST

हजारीबाग (झारखंड), 19 मार्च (भाषा) हजारीबाग जिले में एनटीपीसी की कोयला खनन परियोजना के लिए झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के घर को प्रशासन ने बृहस्पतिवार को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

केरेडारी पुलिस थाने के अंतर्गत जोरडाग में साव के घर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया।

बरकागांव के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) पवन कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राष्ट्रीय तापविद्युत निगम (एनटीपीसी) और योगेंद्र साव के बीच जमीन और मुआवजे को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बाद यह कार्रवाई की गई है।

कुमार ने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और गुरुवार को घर को गिराने के लिए तीन खुदाई मशीनों को काम पर लगाया गया था। घटनास्थल पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

हजारीबाग के जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी (डीएलएओ) निर्भय कुमार, जो घटनास्थल पर तैनात मजिस्ट्रेट में से एक थे, ने कहा कि मामला कोयला युक्त क्षेत्र अधिनियम (सीबी अधिनियम) के उल्लंघन से संबंधित है।

निर्भय कुमार ने कहा, ‘‘एनटीपीसी ने अपनी कोयला परियोजना के लिए जमीन मालिकों को मुआवजा दे दिया था और उसे इस हिस्से में पड़ने वाली लगभग 1,500 वर्ग फीट जमीन का कब्जा चाहिए था। हालांकि, पूर्व मंत्री मुआवजा नहीं ले रहे थे। सीबी अधिनियम के अनुसार, हमें घर गिराना पड़ा और जमीन का कब्जा एनटीपीसी को सौंपना पड़ा।’’

साव अपनी पत्नी निर्मला देवी, जो बरकागांव की पूर्व विधायक हैं, के साथ कई दिनों से अपने आवास पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे और अपनी जमीन के लिए प्रस्तावित मुआवजे की राशि में वृद्धि की मांग कर रहे थे।

विध्वंस के बाद, साव के परिवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि परिवार इस कदम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।

भाषा शफीक माधव

माधव


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