Life imprisonment to politician Prabhunath Singh
Life imprisonment to politician Prabhunath Singh: नई दिल्ली। RJD के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। उन्हें कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपने पक्ष में वोट नहीं देने पर दो लोगों की हत्या में प्रभुनाथ सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी माना था। यह डबल मर्डर के केस में दोषी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया था और इन्हें दोषी करार दिया गया था। इसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने करीब 28 साल पहले मार्च 1995 में छपरा में विधानसभा चुनाव के दौरान दो लोगों की हुई हत्या में राजद के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को दोषी करार दे दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला सामने आया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 1995 के दोहरे हत्याकांड से जुड़े एक मामले में बिहार के राजनेता प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। pic.twitter.com/Z4tQ8XIk2c
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 1, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने राजद के पूर्व सांसद को अगस्त के महीने मेंं दोषी करार दिया था। इसके बाद अब एक सितंबर को उनकी सजा पर बहस हुई। कोर्ट ने इन्हें सजा सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पहले निचली अदालत में सुनवाई हुई थी। यहां पूर्व सांसद को रिहाई मिली थी। फिर यह मामला हाइकोर्ट में पहुंचा था। यहां निचली अदालत के फैसले को सही माना गया। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह दोषी करार दिया गया है। इसके बाद अब सजा भी सुना दिया गया है।
बता दें कि यह पूरा मामला 1995 का है। सांसद पर आरोप था कि उन्होंने अपने कहे अनुसार वोट नहीं देने पर छपरा के मसरख इलाके के निवासी की हत्या करा दी थी। साल 1995 में राजेंद्र राय और दारोगा राय की हत्या हुई थी. राजेंद्र राय की उम्र 47 साल थी। वहीं, दारोगा राय की उम्र 18 साल थी। आरजेडी के पूर्व सांसद पर वोट नहीं देने पर हत्या का आरोप था। इसके बाद निचली अदालत में मामला पहुंचा था।
Life imprisonment to politician Prabhunath Singh: यहां सुनवाई हुई और पूर्व सांसद को रिहाई मिल गई थी। हाईकोर्ट में भी यह मामला पहुंचा था। इसके बाद पटना उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले को ही सही माना था। वहीं, फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। अब सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।