उत्तराखंड में बारिश संबंधी घटनाओं में चार लोगों की मौत

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उत्तराखंड में बारिश संबंधी घटनाओं में चार लोगों की मौत

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  • Publish Date - August 18, 2026 / 08:20 PM IST,
    Updated On - August 18, 2026 / 08:20 PM IST

देहरादून, 18 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड में मंगलवार को भारी बारिश के दौरान मकान ढहने और पहाड़ से पत्थर गिरने की घटनाओं में ढाई वर्षीय बच्चे और दिल्ली निवासी 25 वर्षीय महिला श्रद्धालु समेत चार लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में कई सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हो गया।

पुलिस ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर आगे पहाड़ से अचानक गिरे पत्थरों की चपेट में आने से दिल्ली के शालीमार बाग निवासी अंजली की मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक, घटना मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे उस समय हुई, जब अंजली अपने पति के साथ केदारनाथ जा रही थीं हालांकि उनके पति सुरक्षित बच गए।

इस घटना में कर्नाटक निवासी 34 वर्षीय श्रद्धालु सिदप्पा भी पत्थरों की चपेट में आकर घायल हो गये।

पौड़ी जिले में लगातार बारिश के दौरान लैंसडौन के द्वारीखाल ब्लॉक के मेहरगांव में मंगलवार सुबह करीब सवा सात बजे भूस्खलन के कारण दो मंजिला एक मकान ढह गया।

पुलिस के मुताबिक, मलबे में दबने से ढाई वर्षीय रुद्राक्ष, 46 वर्षीय धीरेंद्र सिंह और उनकी 70 वर्षीय मां मथुरा देवी की मौत हो गई।

लैंसडौन थाना प्रभारी रमेश तनवर ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचा।

स्थानीय लोगों ने मलबे से 51 वर्षीय एक महिला को घायल अवस्था में बाहर निकाल लिया और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

बचाव दल ने बाद में मलबे से तीन लोगों के शव बरामद किए।

ग्राम प्रधान अमित नेगी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना के समय परिवार के सदस्य सुबह की चाय पी रहे थे।

उन्होंने बताया कि अचानक मकान पर मलबा गिरने से धीरेंद्र सिंह की पत्नी विधाता देवी बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं जबकि धीरेंद्र, उनकी मां मथुरा देवी, नाती रुद्राक्ष और भाभी मलबे में दब गए।

नेगी ने बताया कि रुद्राक्ष अपने माता-पिता के साथ नाना के गांव आया हुआ था।

घटना की सूचना मिलने पर पौड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर घटनास्थल पर पहुंचीं और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

उन्होंने प्रभावित परिवार को 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी तथा भविष्य में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं और उन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं।

अधिकारियों के अनुसार, चमोली जिले में भारी बारिश के दौरान कल्पेश्वर मंदिर परिसर में भी मलबा घुस गया हालांकि, वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर लोग फंस गए।

राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने देहरादून और ऋषिकेश में दो अलग-अलग घटनाओं में आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

एसडीआरएफ के अनुसार, ऋषिकेश में सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे बारिश के कारण उफनाई बीन नदी में एक वाहन पलट गया।

एसडीआरएफ ने बताया कि वाहन में सवार दो लोग फंस गए थे हालांकि एक व्यक्ति को तत्काल सुरक्षित निकाल लिया गया जबकि दूसरा तेज बहाव में कुछ दूरी तक बह गया।

बचाव दल ने अतिरिक्त टीम की मदद से उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया और दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

देहरादून के थान गांव में जंगल में ट्रेकिंग के लिए गए एक निजी विश्वविद्यालय के छह छात्र वापसी के दौरान स्वारना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण फंस गए।

सूचना मिलने पर डाकपत्थर से एसडीआरएफ की टीम करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर छात्रों तक पहुंची और उन्हें देर रात करीब ढाई बजे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 293 मीटर को पार कर 293.10 मीटर पहुंच गया है।

बाढ़ की आशंका के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और हरिद्वार जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

गंगा किनारे बनाए गए बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा अन्य जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था।

खराब मौसम के मद्देनजर देहरादून में कक्षा एक से 12 तक के स्कूल बंद रहे। मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून और बागेश्वर में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा राज्य के अन्य जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

अधिकारियों ने लोगों से नदी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील भी की।

भाषा सं दीप्ति जितेंद्र

जितेंद्र